टॉम कहे चलो होलियाए डिक कहे चलो होलियाए हैरी कहे चलो होलियाए हम कहा चलो हम भी होलियाए..
उपरोक्त पंक्तियो का किसी भी घटना या किसी व्यक्ति से संबंध है तो सही.. पर किस से है ये पता नही चल पा रहा है.. पता चलते ही आपको सूचित किया जायेगा..
तो जी बात ऐसी है.. कि कल शायद हम खिसकले अपनी जन्मभूमि जोधपुर क़ी ओर.. और लौट कर तो होली बाद ही आएँगे.. तो फिर होली खेलने का चानस कैसे जाने दे.. तो हमने फ़ैसला किया है.. क़ी हम एक ठेला लेकर उसमे गुलाल सुलाल डालकर जा रहे है होली खेलने.. कहाँ? अजी ब्लॉगीवूड़ में.. तो आप हो जाइए तैयार.. हम आ रहे है ठेला लेकर..
ठेले में हर तरह के गुलाल लेकर होली खेले रघुवीरा टाइप गाना गाते हुए हम जा पहुँचे शिवकुमारमिश्राजी के यहाँ.. मिश्रा जी बैठे बैठे गुझिया बना रहे थे.. हमे देखते ही बोले "कूस (कुश) कैसे हो भई?" हमने कहा जी मेल मिलाप तो होता रहेगा.. पर आप आज बचेंगे नही.. ये कहके हमने उनके माथे पर तिलक लगा दिया..
हमको तिलक लगाता देखते ही अनिलपुसदकर जी आ गये.. आते ही गरजे अरे भई ये क्या? तिलक क्यो लगा रहे हो पानी से खेलो.. कोई सुखी होली नही चलेगी.. हमने कहा ऐसी बात नही है अनिल जी होली तो अपुन भी पानी से खेल ले.. पर क्या है क़ी मंदी है थोड़ी पहले ही.. रंग उतारने में जो साबुन लगेगा वो बड़ा महंगा पड़ेगा..
हमारी बात मानकर वो भी साथ में हो लिए.. ओर हम पहुचे ज्ञानजी के घर.. बाहर छोटे छोटे पिल्ले बैठे थे.. हमने उनसे बचते बचाते घंटी बजाई.. अंदर से आवाज़ आई कौन? अपने मिसिर जी बोले भैया मैं,आपका लक्ष्मण.. इतना सुनते ही ज्ञान जी बाहर आए ओर हमने गुलाल लेकर उनके गालो पर लगाया.. वो बोले अरे ये कही नकली गुलाल तो नही.. हिन्दुस्तान में प्रति वर्ष तीनसौ क्विंटल नकली गुलाल का उत्पादन होता है.. अगर क्रम यही रहा तो.... हमने बात बीच में ही काटी अरे सर जी आप क्यो चिंता करते है.. स्किन को कुछ हो भी गया तो अपने डा अनुराग कब काम आएँगे... आख़िर हमारे लिए ही तो वो डर्मेटोलॉजिस्ट बने..
हमारी बात मान कर ज्ञानजी भी हो लिए हमारे साथ.. ओर दोनो हाथ जेब में डालकर चल पड़े .. डाअनुराग बाहर बैठे मिल गये हमको.. हमने पूछा डा साहब बाहर क्या कर रहे है.. तो उन्होने कहा.. रोज़ ज़िंदगी लिख देती है फ़लसफ़े ईमान क़िस्सो में भी अब नही मिलते
आईने में एक शख्स नज़र आता है मुझे...
मिसिरजी ओर ज्ञानजी एक दूसरे क़ी तरफ देखने लगे.. हम आगे गये ओर उनके माथे पर तिलक लगाया.. डा साहब बोले होली तो हम होस्टल में खेलते थे अब तो केवल रस्म अदायगी होती है.. पर हम तो ऐसे नही खेलेंगे .. इतना बोलके उन्होने पास में पड़ी कलर वाले पानी क़ी बाल्टी हमारे ऊपर डाल दी.. ये देखते ही अनिल जी खुश हो गये.. बोले साधु वाद आपको..
साधु वाद क़ी बात आते ही हम समीरजी के घर क़ी ओर निकले.. ज्ञान जी ने कहा उनके लिए एक्स्ट्रा गुलाल लेना पड़ेगा.. तो ओर गुलाल लिया गया.. जैसे ही समीर जी के यहा पहुँचे तो पता चला वो तो पहले ही होली खेल रहे थे.. सभी जबलपुर भाइयो के साथ.. वही हमे महेंद्र मिश्रा जी, बवाल भाईसाहब सब मिल गये.. सबने एक दूसरे को रंग लगाया.. समीर जी बोले अब तो हम कुछ सुनाएँगे होली पर..
कभी ना भूलना यार मेरी बोली त्योहारों में एक ही त्यौहार है होली त्योहारों में एक ही त्यौहार है होली तो फिर चल पड़ी है यारो क़ी टोली..
सभी बहुत उम्दा, वाह, सुंदर अभिव्यक्ति टाइप कहने लगे.. इतने में अनूपशुक्लजी सड़क के उस तरफ से आते दिखे.. हमने कहा आप वहा क्या कर रहे थे.. वे बोले समीर जी के गाना ख़त्म करने का इंतेज़ार..
ओर सभी ठहाका मार कर हंस पड़े.. समीर जी भी मुस्कुराने लगे ओर मुस्कुराते हुए उन्होने अनूप जी के गाल खींचते हुए कहा ''यू नॉटी बॉय" इस पर अनूप जी बोले अजी हम कहा नॉटी बॉय है.. नॉटी बॉय तो अभी टंकी पर बैठा है..
इतने में मिसिर जी बोले अरे भई टंकी से उतारो उसको वरना कही टंकी के पानी में रंग वॅंग मिला दिया तो शाम को सोडे से काम चलाना पड़ेगा.. ओर सभी पहुँच गये विवेक बाबू को पकड़ने टंकी पर..
सबने रिकवेस्ट क़ी पर विवेक नीचे नही उतरे.. तब अपने अनुरागजी ने कहा अरे ये नीचे पाँच का सिक्का किसका पड़ा है.. इतना सुनते ही विवेक बोले अरे शायद मेरा गिर गया होगा.. रूको मैं अभी लेता हू.. ओर जैसे ही वो नीचे आए सबने उनको रंग दिया.. समीर जी भी आगे आए ओर विवेक के माथे पर रंग लगाया ओर गले मिलते हुए बोले हेप्पी होली...
इतने में अमर कुमार जी आ गये.. बोले यार मेरी कॉफी अटका के कहा चले गये तुम .. हमने कहा डा साहब कॉफी भी पिलाएँगे.. पहले होली तो मना ले.. इतना बोलके सबने एक एक करके डा साहब को रंग लगाया.. ज्ञान जी बोले भई मैं तो गले मिलकर बधाई दूँगा.. ओर दोनो ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी..
बधाई चल ही रही थी.. इतने में किसी कुत्ते के भोंकने क़ी आवाज़ आई.. ज्ञान जी बोले कही मेरे घर के पिल्ले पीछे पीछे तो नही आ गये.. पर ऐसा नही था.. ये तो अपना बीनू फिरंगी था. जो भोंक भोंक कर शायद ये कह रहा हो क़ी बा अदब बामुलाहिजा होशियार.. ठगो के सरदार पहेलियो के असरदार ताऊ पधार रहे है..
ताऊ अपनी रामप्यारी पर बैठे सबपर गुलाल फेंकते फेंकते आ रहे थे.. जैसे पास में आए सबने मिलकर ताऊ को पकड़ लिया ओर खूब गुलाल लगाया.. ताऊ क़ी ही दूसरी भैंस पर बैठा था अपना पीडी.. जब हमने कहा नीचे उतरो तो बोला हमारी टाँग में सूजन है.. इसलिए नही आ सकते.. सबने कहा कोई बात नही ओर सबने पी डी को भैंस पर बैठे बैठे ही रंग लगा दिया..
इतने में अपना अभिषेक आ गया.. आते ही अभिषेक ने कहा आप क़ी गिनती तो बढ़ती जा रही है.. समय के हिसाब से अगर मैं लोगो का गुना करू तो थोड़ी देर में यहा ओर लोगो आने वाले है.. ओर दिल से दिल क़ी जोड़ तो बहुत रंग लाएगी.. इस पर समीर जी बोले यार तुम यहा भी गणित ले आए.. आज तो होली है.. इतना बोलके समीर जी ने अभिषेक को रंग लगाया..
सब ये हल्ला कर ही रहे थे.. क़ी रचनाजी आ गयी.. गुस्से में बोली.. आप सब पुरुष लोग अकेले अकेले होली खेलने आ गये.. कम से कम आज तो हम महिलाओ को समानता का अधिकार दे दीजिए.. इस पर डा अमर कुमार जी बोले अजी अधिकार तो आपका है ही मांगिए मत छीन लीजिये.. ओर सभी ठहाका मार के हंस पड़े.. हमने भी रचना जी को गुलाल लगाया.. वे बोली बाकी क़ी भी सब बहनिया साथ ही है..
इतना कहते ही सभी लेडीज़ ब्लॉगरणिया भी आ गयी.. ताऊ जी भैंस के पास खड़े होकर बोले.. सु.सीमा जी कही दिखाई नही दे रही है.. इतना सुनते ही सबने एक बार फिर ठहाका लगाया... समीर जी बोले क्यो ताऊ आते ही अपने संपादको को ढूँढने लगे अपने दोस्तो को भूल गये.. भाटिया जी ओर योगेंद्र मौदगिल जी के बारे में तो पूछा ही नही..
ताऊ बोले अरे ऐसी बात नही है.. वो तो कब से वहा बैठकर ठंडई बना रहे है.. वो भी जर्मन स्टाइल में.. ये सुनते ही होली का रंग दुगुना हो गया..
भीड़ में हमे एक लंबा साया दिखा.. जब गौर से देखा तो पता चला रंजनाभाटियाजी थी.. हाथ में अमृता प्रीतम क़ी किताब लेकर आई थी.. इस पर कंचन जी बोली बोली अरे रंजू जी आप यहाँ पर भी अमृता जी को साथ ले आई..
ममता जी बोली अरे तो क्या हो गया. इसी बहाने अमृता जी भी हमारे साथ होली खेल लेगी.. तभी पीछे से पूजा चिल्लाई अरे सब लोग मुझे तो भूल ही गये.. मैं भी तो हू यहाँ.. इतना सुनते ही सबने देखा पी डी भैंस से उतर चुका है.. सबने पी डी को वापस भैंस पर बिठाया..
किसी ने कहा गुलाल ख़त्म हो गया.. ये लो आ गया गुलाल.. सबने मुड़कर देखा तो अरुण पंगेबाज जी आ गये थे साथ में वकील साहब दिनेश जी भी थे.. उनके आते ही एक सकारात्मक उर्जा का संचार हुआ.. सब लोग खुश हो गये.. तरह तरह के गुलाल आ गये थे. .सबने एक दूसरे को रंग लगाया..
ओर सब साथ मिलकर चल पड़े अरविंद मिश्रा जी के घर.. जैसे ही उनके घर पहुँचे तो देखा मिश्रा जी घर पर देव डी फिल्म देख रहे थे.. सबने उनको वही पकड़ लिया और गुलाल लगा दिया.. उनके माथे से लेकर गर्दन और हाथ से आते आते उनके पाँव तक गुलाल दिया.. वो बोले यार पूरे शरीर पर रंग लगा दिया.. अब तो दोबारा पर्यवेक्षण करना पड़ेगा..
इस तरह वो भी हमारी टोली में शामिल हो गये.. इतने में कोई बोला अरे मसिजीवी परिवार तो कही नज़र नही आ रहा.. उनके घर पहुँचे तो पता चला आज चिट्ठा चर्चा करने क़ी बारी उनकी थी.. तो वो आपस में तय नही कर पा रहे थे क़ी कौन चर्चा करे..
अनूप जी बोले इसमे कौनसी बड़ी बात है.. आप अख़बार में आपका भविष्यफल पढ़ लीजिए क़ी आज आपके भविष्य में चर्चा करना लिखा है क़ी नही.. इस पर मसिजीवी जी ने ज़ोर से ठहाका लगाया.. हालाँकि वो रंगे हुए चेहरो में पहचान नही पाए.. संगीता पूरी जी भी हमारे साथ थी.. पर संगीता जी ने कहा.. परिवार में हँसी ठिठोली नही होगी तो कहाँ होगी.. ज़रूरी थोड़े ही है क़ी परिवार में सबकी सोच समान हो.. आज तो होली है.. रंग लगाओ ओर खुशिया मनाओ..
इतना सुनते ही सब ज़ोर से बोले होली है.. नीलिमा जी और सुजाता जी सबके लिए पकोडे लेकर आ गये.. सबने पकोडे खाकर ही आगे जाने का प्रोग्राम बनाया..
पकोडे खाने के बाद सभी बाहर निकले ही थे क़ी सामने से पुलिस क़ी जीप आती हुई दिखाई दी.. ताऊ जी पीछे हो लिए उन्हे लगा गोटू सुनार पुलिस लेकर आ गया.. पर जब देखा तो उसमे से पल्लवी जी निकली. पल्लवी जी उतरते ही बोली अरे आप लोग कहाँ गायब थे मैने सब जगह देख ढूँढा आपको..
समीर जी बोले.. अरे हम तो यहा बैठे पकोडे खा रहे थे.. खैर अब आ ही गयी तो होली तो खेल ही लेते है.. पी डी ने फिर नीचे उतरने क़ी कोशिश क़ी पर सबने वापस भैंस पर बिठा दिया..
पल्लवी जी के आते ही माहौल और जम गया.. उन्होने आते ही जोरदार गाना गया.. रंग बरसे भीगे चुनर वाली.. ओर सभी ने उस पर डांस करना शुरू किया.. ज्ञानजी तो दोनो हाथ उठाकर डांस कर रहे थे.. अनुरागजी ने भी समीरजी के साथ ठुमके लगा लिए.. मिसिरजी और ताऊ पत्नग उड़ाने वाली स्टाइल में नाच रहे थे.. लेडीज़ गेंग ने घूमर शुरू कर दिया.. अनूपजी नागिन स्टाइल वाला डांस करने लगे.. अनिलजी और वकीलसाहब भी कहा पीछे रहने वाले थे.. अरुणजी और मसिजीवी भी जोश में आ गये.. अभिषेक और हम ढोलकी पे थाप देने लग गये..हमारे साथ अमरकुमारजी भी आ गये..
पी डी भैंस पर बैठे बैठे ही डांस कर रहा था.. कुल मिलकर पूरा मस्ती का माहौल था.. सभी होली के रंगो में घुल गये थे.. ओर बड़ी धमाकेदार परफॉर्मेंस चल रही थी..
तभी वहा पर सुशील कुमार छौक्कर ओर सिद्दार्थ शंकर त्रिपाठी जी भी आ गये.. आते ही बोले अकेले अकेले डांस हो रहा है.. हम भी करेंगे.. ओर वे भी हो लिए साथ में.. सबने सुशील जी से पूछा.. बिटिया कहा है? तो उन्होने कहा वो तो वहा आदित्य, लवीजा ओर मिष्टी के साथ होली खेल रही है... इतना सुनते ही सब वहा निकल पड़े.. आदि पलटी मार मार कर होली खेल रहा था.. लवी बिटिया बुढ़िया के बाल खा रही थी.. ओर मिष्टी बिटिया नीरज जी के कंधे पर बैठ के डांस कर रही थी..
वहा पहुँचते ही नीरज जी ने होली पर अपने गुरु प्राण साहब क़ी रहनुमाई में लिखी हुई ग़ज़ल सुना दी सबको..
ब्लॉगर गण मिलकर आज मना लो होली जब फ्री हो जाओ तो आ जाना खोपोली..
सबने मिलकर नीरज जी को रंग लगाया.. सबको इस तरह से खुश देखकर लावन्या जी को अपने बचपन के दिन याद आ गये जब वे अमिताभ बच्चन ओर लता जी के साथ होली खेला करती थी.. लेकिन मीनाक्षी जी ने उन्हे कहा अरे ब्लॉगर बच्चन नही है तो क्या हुआ.. दूसरे तो ब्लॉगर है.. इतना सुनकर लावन्या जी बोली बिल्कुल सही कहा..
ओर सब हंसते हँसते जा पहुंचे ब्लॉगवानी के ऑफीस वहा पहुँचते ही मैथिलीजी और सिरिलबाबूआ गये पकड़ में सबने उनको रंग लगाया.. और ब्लॉगवानी साईट बनाने के लिए धन्यवाद दिया.. जिसके कारण आज सभी लोग एक परिवार से लगते है..
बस फिर वही ब्लॉगवानी के ऑफीस में भाटिया जी और मौदगिल जी ठंडाई लेकर आ गये ओर सबने खूब छककर ठंडाई पी.. अंत तक गज़लो का, गीतो का.. डांस का दौर चलता रहा.. ओर सभी एक दूसरे को होली क़ी शुभकामनाए देते रहे..
सबसे आख़िर में मैने सबसे कहा.. आप सभी को रंगो के इस पर्व क़ी बहुत बहुत बधाई.. ये होली आपके जीवन में नये रंग लेकर आए.. इस होली पर जम कर होली खेले.. अपने घर के बच्चो को इस त्योहार का महत्त्व बताए.. होली पर केमिकल युक्त रंगो का प्रयोग ना करे.. होली सूखी खेले या गीली.. पानी का कम से कम उपयोग करे.. इसी के साथ आप सभी को होली की अग्रिम शुभकामनाये..
पढ़ने में बहुत सुन्दर लग रहा है। काश यह भौतिक रूप से एक स्थान पर हो पाता! बहुत सुन्दर और सटीक कल्पना है मित्र। और बहुत कम ही ऐसा कर पाने की कबलियत रखते हैँ!
होली है।बुरा न मानो होली है। असली से भी ज्यादा असली होली खेल ली आज तो,कुश भाई होली का असली मज़ा आ गया।एक्दम शुद्ध यानी बिना मिलावट यानी बिना पानी यानी एक्दम नीट यनी झक्कास,बोले तो फ़र्स्ट किलास्। होली की रंग-बिरंगी बधाई। अभी से।
हा हा कुश भैया, आपने तो होली का अजब माहौल बना दिया। वाह वाह वाह! ये तो वास्तव में ब्ला॓गीवुड की होली हो गई। हमारी तरफ़ से आपको बहुत बहुत साधुवाद और बधाई, इस अति सुन्दर रंग यात्रा के लिए। बहुत आनंददायी पोस्ट।
वाह जी वाह .. खूब रंग आपने तो बहुत बढ़िया ....इस से बेहतरीन होली कोई हो ही नहीं सकती ..हर ब्लॉगर के रंग को आपने अपने रंग में बहुत अच्छे से रंग दिया ...होली की बहुत बहुत बधाई ..
गदगद हो गए हो गए हम तो आप की होली चर्चा पढ़ कर...भाई होली से पहले ही आनंद आ गया...मिष्टी इस बार अपने चाचा को रंगने आने वाली थी लेकिन आप तो भाग रहे हैं जोधपुर को...हम समझा देंगे उसे की ऐसे डरपोक चाचा से क्या होली खेलनी... अगले साल खेलना... आप को होली की ढेरों शुभकामनाएं...थोडा सा गुलाल हमारे नाम का भी लगा लेंगे तो मजा आ जायेगा...
वाह कुश, क्या रंग बिखेरे हैं होली के हमारा तो दिल खुश हो गया यहाँ इतने लोगो के साथ होली खेल कर...क्या माहौल है ब्लॉगजगत में, कहीं गुझिया सम्मलेन हो रहा है, कहीं रंग बरसे करा रहे हो...बड़ा अच्छा लग रहा है, वर्चुअल ही सही, होली तो खेल लिए. घर जाओ होली मनाओ, पूआ दहीबडे खाओ...होली मुबारक!
बहुत बढिया पोस्ट लिखी आपने .... बहुत दिन बाद होली इतनी अच्छी तरह मनाया ... ये रंग काफी दिनों तक उतरेगा भी नहीं .... आप सभी को भी होली की बहुत बहुत शुभकामनाये।
आपकी सोच की दाद देनी पड़ेगी । इसे पढ़ते-पढ़ते मेरा तो हंस-हंस कर बुरा हाल हो गया । कुश इतनी रंगीली होली और इतने लोगों के साथ खेल कर मजा आ गया । शुक्रिया !
कुश,,,सालों बाद ऐसी यादगार होली खेली जो भुलाए ना भूलेगी... ज्ञानजी से पूरी तरह से सहमत.... कविताजी का सुझाव भी बढिया है..कल्पना सच हो तो कैसा हो.... :) फिलहाल होली की ढेरों शुभकामनाएँ
अरे कुश जी, मैं तो अपना नाम ढूंढता ही रह गया. असल में उस गैंग में मैं भी तो था. लेकिन मेरी शक्ल ही ऐसी हो गयी थी कि आप पहचान ही नहीं सके. चलो यही तो होली के मजे हैं
क्या कहे भैय्ये ...राजकपूर की तरह तुमने एक टब नहीं बनाया ...सबसे बढ़िया तो वही तरीका था ...खैर ठंडाई मस्त थी ..पेक करवा के ले आते ....अच्छा हाँ आते वक़्त पी डी भैंस से गिरे पड़े थे .....हम बताना भूल गए ....देखना घर पहुँच गए की नहीं .
वाह कुश भाई क्या गजब की पोस्ट लिख डाली है होली पर,सभी साथियों के साथ। दिल खुश हो गया। काश कि ये कल्पना किसी दिन सच हो जाए। आपको सपरिवार होली की रंगो से भरी बधाई।
भाई पोस्ट पढ कर बिना पिये ही भंग भवानी का असर माथे पर चढना शुरु होगया. ताऊ की तरफ़ से इस पोस्ट को "post of the year" का अवार्ड दिया जाता है.
शायद एक दिन यह भी संभव होगा कि हम ऐसी होली भी मना पायेंगे. हम तो आशावान हैं. आपको और आपके इष्ट मित्रों को सभी बलागर ब्लाग्ररणीयों को होली की घणी रामराम.
कुश जी तथा सभी हिन्दी ब्लोग जगत के साथियोँ को होली पर्व पर रँगभरी शुभकामनाएँ सच मानिये,लतादी व अमित भैया के सँग होली खेलने का इत्ता मज़ा नहीँ आया जितना आप सबी के साथ आया !! कुश , तुम्हेँ गुलाल का टीका लगाने के बाद,तुम्हारे , कान खीँचूँगी :)...खूब हँसी आई भई ... सभी को नाचता हुआ वीज़ुअलाइज़ करके ... खुश रहो...हमेशा हँसो और हँसाते रहो !! स स्नेह, लावण्या
आनंद आ गया यह मानसिक होली खेल कर। इस होली के फोटो सोटो भी होती तो मजा आ जाता। वास्तव में इस होली पर एक शानदार फोटोग्राफर भी हमारे साथ थे। लगता है। आप की रिपोर्ट पहले आ गई और फोटो अभी प्रोसेस ही हो रहे हैं।
अरे, फोटो ग्राफर साहब! आप का कैमरा कहाँ रह गया। आप फोटो बनाने में ही रह गया समाचार पहले छप गया। जरा अपने फोटो की नुमाइश भी कर डालो।
मेरा एक लघु एतराज़ दर्ज़ किया जाय.. " पहले होली तो मना ले.. इतना बोलके सबने एक एक करके डा साहब को रंग लगाया.. " और असली गऊ ब्राँड डाकटर साहब ने रंग लगवा भी लिया ! यह तो दुनिया का नौवाँ आश्चर्य है.. अब यह रही टिप्पणी बोल पड़े ताऊ : रै डाक्टर, आठवाँ आश्चर्य कोण सै, भई ! सो ठिठक गया मैं : ऎ ताऊ, शिनाख़्त भी ना कर सकता, जरा पैचान कौण.. ? टपक पड़ीं सीमा गुप्ता जी : इस तरिंयों ना बोल ताऊ.. मेरे को तो तू ही लाग्यै :)
खुद को ढूँढने की कोशिश में कितने ही थानों पर अपनी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका हूँ.. भूली हुई याददाश्त साथ लेकर जितना जिया जा सकता है उस से थोडा सा ज्यादा जी रहा हूँ.. ईश्वर की बनायीं दुनिया से अभी तक विश्वास उठा नहीं है.. इसलिए अभी तक यही पड़ा हूँ.. बर्दाश्त की हद से थोडा ज्यादा बर्दाश्त कर लेता हूँ.. गुलज़ार को समझने की कोशिश जारी है.. अनुराग जैसा सिनेमा बना लु तो कुछ सुकून मिले.. दोस्तों की फेहरिस्त लम्बी है.. पसंदीदा फिल्मो की फेहरिस्त लम्बी है, क्या कहूँ साला यहाँ ख्वाहिशो की फेहरिस्त लम्बी है.. यहाँ वहां जब कही कुछ बात नहीं बनी तो ब्लॉग बना लिया..देखते है इस से अब कब तक बनती है..
जो कहना चाहा था ..........
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साँसों के उलझे धागों को
थोड़ा सुलझाया
जज्बातों के समुंदर को
थोड़ा टटोला
एहसांसों पर पड़ी
धूल की परत भी साफ़ की
बिखरे हुए अल...
एक डग भीतर जाने के लिए सौ डग बाहर आना पड़ता है - १
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अपनी नई कविताओं की रोशनी में कवि लीलाधर जगूड़़ी - एक
-शिवप्रसाद जोशी लीलाधर जगूड़ी अपनी ही कविता में एक नवागंतुक की तरह दाखिल हो रहे हैं और भीतर जितना ...
Boomerang
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Never tell a guy what your age is, even as a hint. Even if the guy is your
son. I made the mistake and had to draw this cartoon.
The inspiration for maki...
छुट्टे पशुओं का आतंक
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आपके शहर में कितना है यह तो मैं नहीं जानता लेकिन बनारस में छुट्टे पशुओं का
भंयकर आतंक है। नींद खुलते ही कानों में चिड़ियों की चहचहाहट नहीं बंदरों की
चीख प...
ये सपना मुझे बार बार क्यों दिखता है
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प्रिय कुलश्रेष्ठ जी ! नमस्कार । मैं महेन्द्र प्रसाद भिलाई से निर्मल बंसल का दोस्त । आपको पहली बार मेल भेज रहा हूँ । मैं गुरुजी से पहली बार 1 may को मिलकर और ...
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*I am star of the Sky that sees no Limit*
*I break*
*I fall*
*and yet *
*When I shine I outshine all the Light ...*
Happy Birthday Angel :)
[image: Green An...
इंदौर@जून, 2012
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3 जून,रविवार
निरभ्र आसमान
चौथे तल्ले का
सबसे ऊपर का फ्लेट,
दिन के करीब ग्यारह।
नाश्ते के बाद
बंद पंखे के नीचे
पलंग पर
चादर तान
घंटे भर की नींद निकाल,
बस अभी-...
माया एंजेलो : स्त्रियों के लिए नसीहतें
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*माया एंजेलो की कुछ नसीहतें, विपिन चौधरी के सौजन्य से... *
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*
*स्त्री समाज के लिए माया एन्जेलो की मजेदार नसीहतें *
(अनुवाद : विपिन चौधरी)
लेखिका माया ...
Need a job
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“Ma’am I need a job. Do you have any vacancy in your office?” A young
college passed out asked.
“Which work you can do?” I asked.
“I can drive and cook...
दोस्तों के जाने का गम..
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दोस्तों के जाने का गम हमेशा तकलीफ़देह होता है, जाना मतलब हमेशा के
लिये हमें छोड़कर जाना। अपने पीछे इतने सारे रिश्ते जो कि कितने जतन से बनाये
गये थ...
No Such Thing as True Self
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There is no such thing as true self. Yes, genetically everyone is unique,
but genetic blueprint is not equivalent to self. Genetic blueprint is like
a mol...
साईं बाबा के शिर्डीधाम में
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गर्मियों की छुट्टियाँ लगते ही बच्चे किताब-कापी बस्ते में बंद कर एक कोने में
ऐसे पटक देते हैं जैसे कोई पुराना कबाड़ हो। और फिर दुनिया भर की सैर की जिद्द
ठा...
On A Sunday
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How to spend a non productive Sunday afternoon in Bangalore: Head out to
Airlines hotel for a lazy breakfast. Order upmas , dosas and coffee/tea all
at o...
अनुवाद एक स्मृति
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कोरवालिस के मेरे मित्र सालभर से उत्सुक थे कि हिन्दी में मैंने क्या लिखा
है. चूँकि मेरे कविता संग्रह में बहुत सी कवितायें इसी जगह, यहीं के मौसम,
इसी बारिश ...
मैं एक कूटभाषा में लड़ना चाहता हूं...
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मुझे रह-रह कर अपना बचपन याद आ रहा है। एक स्कूल जहां रिक्शा घंटी बजाता आता
तो हम पीछे वाले डिब्बे में बैठ जाते। रिक्शेवाला दरवाज़े की कुंडी लगा देता
और हम च...
विवेक मिश्र की कहानी
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युवा कहानीकार विवेक मिश्र का कहानी संकलन 'हनिया तथा अन्य कहानियाँ' काफी
चर्चित रहा है. पेशे से चिकित्सक विवेक कहानियों के साथ-साथ कवितायें भी लिखते
हैं. ...
अगर आप कभी देख सकें
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आह ! बीस दिन पुरानी लू. दर्द से भरा बदन और हरारत. कुछ बातें, बेवजह की
बातें...
नाकामी से दुखी होकर
ज़िन्दगी देखती है, नयी ज़मीन
और सोचती है कोई नया...
आशार
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*होती नहीं हर चीज़ वैसी दिखने में जो लगती है *
*बहुत ज्यादा रौशनी भी आँखों को चुभ सकती है *
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*इस तरह भी ये जिन्दगी .अक्सर मिली हमसे *
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*मुर्...
तुम्हारे आ जाने से...चैतन्य
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*चैतन्य *
चैतन्य
तुम्हारा आना
जीवन में नई चेतना
ले आया है
उग आये हैं कुछ
नए विचार
मेरे ह्रदय के आँगन में
और
मैं गर्वित हूँ
कि संवेदनशीलता से
फूटती...
4 employees to 220 employees
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I read a review of a hotel and it went like this:
*We all need a reason to wake up in the morning and Financier-patisserieis mine.
*
I was surprised to ...
तुम्हारा लौटाता हूँ प्यार
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चलो तुम भूल गए सर्वस्व
मगर इतना तो होगा याद
बढ़ाकर मैंने अपना हाथ
सजाया था माथे पर चाँद
झपकना पलकों का तुम भूल
देखती रही थीं मेरी ओर
हुई आँखों-आँखों में बात...
आगत का गीत
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सत्ताईस की वह सुबह हैरत भरी थी एक आँख सूखी और दूसरी गीली थी एक ज़िन्दगी से चमकती और दूसरी विदा गीत गाती हुई चमकती आँख ने हौले से भीगी आँख को देखा मानो पी जान...
For the Love of Red
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Red they say is the color of power but for me it is a color that shouts out
FUN! I remember the day I bought myself the Red Pants. We were out shopping
fo...
Leaving So Soon
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There is something about it when you take one last look at the empty place
that once was yours. The place that echos now with discolored walls and
empty wi...
सौ साल का सिनेमाः जीजा वही जो सिनेमा दिखाए
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मोहल्ले भर की दीदी एक-दूसरे को कोहनी मारते हुए किसान सिनेमा ( बिहार शरीफ)
में घुसती और हम जैसे उम्र में बहुत ही छोटा भाई चपरासी की तरह पीछे-पीछे.
शादी के ब...
निजता से परे बहती शाश्वत नदी
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सीखचों में बाँध दो मुझको
या भेज दो दूसरी दुनिया में
ख़त्म नहीं होऊंगा मैं
मुझे अमरता का वरदान है.
आलते के पत्तों पर रख दो या
फिर मेरी घडी फोड़ दो
तुम्हा...
सपनो के पुल
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क्यों बना लिए हैं
हमने ....
कुछ सपनो के पुल
जिस पर उड़ रहे हैं
हम.......
कागज की चिन्दियों की तरह
कुछ भी तो नही है शेष
अब .......
मेरे -तुम्हारे बीच
क्यों हमन...
एक ग़ज़ल : लोग अपनी ही सुनाने में.....
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लोग अपनी ही सुनाने में लगे हैं
एक हम हैं ग़म भुलाने में लगे हैं
जख़्म मेरे उनको लगते बेसबब हैं
वो ख़राश-ए-कफ़ दिखाने में लगे हैं
क्या हक़ीक़त आप की है ?...
कर चुके तुम नसीहतें हम को ...
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हम तो चलते हैं लो ख़ुदा हाफ़िज़
बुतकदे के बुतों ख़ुदा हाफ़िज़
कर चुके तुम नसीहतें हम को
जाओ बस नासेहो ख़ुदा हाफ़िज़
आज कुछ और तरह पर उन की
सुनते हैं गुफ़...
जब दूसरे करते थे तो गलत था आप करते हैं तो सही हैं
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जब मैने हिंदी ब्लॉग लिखना शुरू किया था { ६ साल पहले } तब गूगल पर
ट्रांस्लिशन की सुविधा नहीं थी और मैने अपनी कविता का ब्लॉग रोमन में लिखा था
. फिर "नारद" जो...
दिल पे लगेगी तो बात बनेगी
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अच्छा कल नो टोबेको डे था हर साल हम इसे मनाते है आप सोच रहे होंगे इससे क्या
फायदा टोबेको खाने वाले और स्मोकिंग करने वालों की संख्या तो कम नहीं हुई
लेकिन स...
ना खुशी, ना ग़म....
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पिछले ९ सालों में उस बाज़ार के सारे भिखारी अब शक्ल से पहचाने जाने लगे हैं।
वो बूढ़े दादा..जिनके पास गुदड़ियों का एक पूरा भंडार है। जिनकी दाढ़ी भी उलझ उलझ
कर...
द गोल्डन 80's
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आप क्या सोचते हैं?अगर आपको पहले के किसी टाईमफ्रेम में जीने का अवसर मिले तो
आप किस टाईमफ्रेम में जाना पसंद करेंगे?शायद अपने बचपन के टाईमफ्रेम में..या
फिर अ...
पारा चढ़ता जाये रे…
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आज मई माह का आखिरी दिन है। यह सबसे गर्म रहने वाला महीना है। ज्येष्ठ मास का
आखिरी मंगल जिसे यहाँ लखनऊ में ‘बड़ा मंगल’ के रूप में मनाया जाता है वह भी बीत
चु...
World No Tobacco Day 2012
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*World No Tobacco Day 2012!*
Globally, tobacco consumption is one of the leading cause of cancer and
reduced lifespan! The global tobacco epidemic kills ...
खुदा की शनाख्त मुश्किल होगी !
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- क्रिकेट के मैदान के बाहर बैठी छोटी लड़की इसलिए दुखी है क्यूंकि उसे
कोई क्रिकेट नहीं खेलने देता ,उसके बराबर में बैठा लड़का वो इसलिए दुखी है
क...
Choices
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It is such a simple word…but has such a powerful impact. As I approach
another milestone of my life, I reflect back as always about where I am and
what br...
Wanted: Interesting Expats for a Documentary
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If you're an expat in Mumbai and have an interesting story to share about
your experiences, I've got a great opportunity for you to participate in an
upcom...
The Devotion of Suspect X , a review...
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[image: devotionofsuspect.jpg]
I had never ever read a Japanese author and that is a shame because the
Japanese culture has always been fascinating for...
Disco Dancer (1982)
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From a cinematic tradition overflowing with mama’s boys, by far the biggest
to emerge is Disco Dancer‘s Jimmy. He only eats if Maa hand-feeds him, he
dance...
पॉश खेल ..
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विशुद्ध साहित्य हमारा कुछ
उस एलिट खेल की तरह है
जिसमें कुछ सुसज्जित लोग
खेलते हैं अपने ही खेमे में
बजाते हैं ताली
एक दूसरे के लिए ही
पीछे चलते हैं कु...
I've got it all worked out
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Some time ago, I met two classmates from my Master's course in 2006, and
both of them said they thought I would be the last person who would quit
her job a...
बेवकूफ़ी का सौंदर्य अद्भुत होता है
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सोचते हैं कोई बहुत बड़ी बेवकूफ़ी की बात कह डालें लेकिन फ़िर आलस्य हावी हो जाता
है। इस चक्कर में दूसरे बाजी मार ले जाते हैं। ये बात हमने कल फ़ेसबुक पर लिखी।
देख...
Of Ms Pandey & Ms Banerjee
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Thought to be on twitter for sometime and get updated with whats and hows
of today but duh, whatay timeline. Full of negativity & cynicism! In fact
ever...
एक ट्विटर टाइम-लाइन
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जिस तरह से आजकल सारे संवाद ट्विटर पर हो जाते हैं उसे देखते हुए आज सुबह सोच
रहा था कि अगर ममता दी ट्विटर पर होतीं तो कल शाम को उनकी ट्विटर टाइम-लाइन
कैसी दी...
"दाग अच्छे है "
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चेहरे पर चेचक के दाग
जो गढ़ दिए थे किसी देव ने
यूँही खेल खेल में
मन पर पड़े दाग जब
कहा उसने प्रिय तो हो
पर प्रियतमा ना कह सकूंगा
अब चरित्र पर लगाते है...
सुन दर्जी! तेरे सिले कपड़ों की फिटिंग सही नहीं आती।
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सूरज की तरफ पीठ किए मैं एक पूरा-पूरा दिन तुम्हें सोचता रहता हूं। ऐसा लगता
है तुम पीछे कुछ दूरी पर बैठी मुझे लगातार देख रही हो। तुम्हारी आंखों की नज़र
म...
Long time no Sea
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It's been a long time since I posted last and many months have passed.
truth be told, it's been a bit of a war between posting work on my facebook
page a...
Escape From The Sun Scare
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Kyra says she is going out this summer outdoors to have fun in the sun,
play some volleyball with her friends and relax with nice cold drinks – all
th...
जरूरी सूचना
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ऐसा है कि दो महीने होने वाले हैं मुझे घर से बाहर निकले हुए। कभी अप्रैल के
शुरू में जोशीमठ गया था, अब जून आने वाला है। जितनी भी यात्रा कथाएं थीं, सब
खत्म हो...
कमाल तकियाकलाम का
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[image: speech]पिछली कड़ी- तकिये की ताकत
अ ब आते हैं *तकियाक़लाम* पर । तकियाक़लाम एक ऐसा अनावश्यक शब्दयुग्म या पद
होता है जिसे बोलने की आदत कई लोगों में हो...
चले दिल्ली : शेख चिल्ली
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*इस समय गर्मी अपने चरम पर है। सही बात है गर्मी अपने चरम पर है तभी तो मौसम
खूब गरम है। ऐसे में कहीं जाना मानो वही सब कुछ जिसे शायरी में कहा गया है 'आग
का दर...
कोलकाता में बिहार शताब्दी समारोह
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कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में बिहार शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में
27 मई 2012 को आयोजित कार्यक्रम में भोजपुरी अभिनेता व गायक मनोज तिवारी तथा
अभिनेत्...
लघु कथा :- महंगाई
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पापा कितनी महंगाई है , और देखो , सरकारी अफसरों का महंगाई भत्ता बढ़ गया है ,
पापा कल मुझे अपने दोस्तों की पिक्चर दिखाने ले जाना है तो मेरी पॉकेट मनी भी
ज...
एक नदी थी...
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*
*
*
*
वह एक नदी थी
जब तुमसे मिली थी
बहती थी अपनी रौ में
कल-कल करती....कूदती फांदती ...
प्यार की फुहारों से भिगोती
इठलाती थी इतराती थी
चंचल शोख बिजली सी ब...
ना खुदाने सताया...
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कभी,कभी ज़िंदगी में ऐसे मोड़ आते हैं,जहाँ केवल सवाल ही सवाल होते हैं! हर
तरफ चौराहे...जिन्हें अपना माना,जान से ज्यादा प्यार किया...पता ...
मार्क ज़करबर्ग को बधाई सन्देश
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मार्क ज़करबर्ग और उसकी घरवाली मार्क भाई, अखबार में तेरी फोटो देखी, बड़ी
ख़ुशी हुई कि तेरा ब्याह हो गया, पर यार, ये चिंकी क्या पसंद आई तुझे? गोरी
मेमों की...
स्मृतिशेष भगवत रावत
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दुनिया का सबसे कठिन काम है जीना
और उससे भी कठिन उसे, शब्द के अर्थ की तरह
रच कर दिखा पाना।
-भगवत रावत
जीवन को शब्द के अर्थ की तरह रच कर दिखाने वाले, हम स...
प्रार्थना
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तुम अपने दुःख और आभाव के दिनों में प्रार्थना करते हो ; यदि तुम अपने उल्लास
की पूर्णता और समृद्धि के दिनों में भी प्रार्थना करो तो कितना अच्छा हो ।
जब तुम...
ब्या-काज के वे दिन
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हिन्दी का रचनात्मक साहित्य ज्यादातर आपसी संबंधों या एक हद तक राजनैतिक
आर्थिक ताने बाने के इर्द गिर्द ही सामाजिक सवालों का लेखा जोखा संजाये है।
विज्ञान, खे...
अनगढ़ कविता के, तलघर में..
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*मैं एक कविता बनाने बैठता, और जल्दी ही ज़ाहिर होने लगता कि छिटकती बनती हुई
जो भी वह है, वह तो कतई नहीं जिसे पा लेने की पुलक में मैं उमगता कल्पना की
रेल चढ...
गुमनाम
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कई ऐसे लोग हैं जिनकी वजह से हमारे देश को एक नई पहचान मिली पर.......एवज़ में
उन्हें सिर्फ गुमनामी के काले साए मिले.......
*******************************...
Mysore Chronicle
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Reblogged from Ghumakkar Chronicles: Continued from the Srirangapatna
Chronicle So after lunch, we proceeded on our Mysore sight-seeing trip.
Mysore is the...
मार्ग किसी अद्वश्य रेखा
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तेजी से किसी की ओर जाने की और बढ़ने की प्रक्रिया की लाईन का किस कल्पना से
रिश्ता होता है? जीवन विस्तार से अलग है या जीवन विस्तार के लिये कुछ रचना
करने की स...
सांड और इंसान......
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अबे कायदे और कानून केवल इंसानों के लिए हैं, या जानवरों के लिए भी?.... अब
भाई एक अजीब वाक्या हो गया शहर में मुख्य चौराहे पर.... बस स्टाप पर सारे
बुद्धिजीवी ...
आशुतोष की कहानी : पिता का नाच
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हम पूरबियों, खासकर भोजपुरियों, के मन में नाच के अनेक संस्करण हैं. कोई एक
चीज जिसके लिए पक्ष और विपक्ष के सर्वाधिक तर्क हमने सुने वो 'नाच' ही था.
नचनिये का...
बाजार में बिकने को सजधज कर तैयार हूं कोई खरीदोगे
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पढाई पूरी करने के बाद हमारे पास कैरियर को लेकर कई विकल्प थे
राजनीत,एनजीओ,और फिर सरकारी नौकरी के लिए जोर तोड़ करना।मैने सबसे पहले निर्णय
लिया कि दिल्ली छोड...
I'm Gay because I'm Gay
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Let me address my understanding of the myth/debate of child sexual abuse
causing change in sexual orientation.
I had a lot of aversion towards the idea of...
गुजरा हुआ जमाना, आता नहीं दुबारा
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हर आदमी का अपना इतिहास होता है, कभी गौरवपूर्ण कि हम बार-बार चिल्लाके बताना
चाहें तो कभी छुपानेलायक कि बचते रहें। यही देशों और सभ्यताओं के साथ होता है।
यह...
हिसाब की पांडुलिपि
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किसी पवित्र पांडुलिपि की तरह
सहेज कर रखा गया था
हिसाब का ये पन्ना
कितनी बची है मूंग की दाल
और
कितना चाहिये इस महीने
मूंगफली का तेल
सब कुछ इसमें था
ग...
October
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*...in India.*
Long before the sleepy-eyed
taps begin to cry fresh water,
and the giant tree's slumber
breaks into birds chirpy,
the orange of the sky
lets...
मरी हुई उम्मीदे
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ये कैसे लोग दिख रहे हैं वतन में मेरे
नश्तर -से चुभोते हैं ये बदन पे मेरे।
किससे करे शिकायते थानेदार हैं वो-
कोहराम -सा मचा है अमन में मेरे।
कोई सुनता नही ...
Saturdays Are for Weddings: 19 Weeks
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I have been thick in the heart of hunting for a baker for the wedding. I
suspect this process will be more fun once I am engaged in the tasting
part. For n...
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तेरी यादों के जंगल में
कभी सोये, कभी खोये
कभी खुल के हँसे हम
और कभी छुप छुप के हम रोये
कभी कागज़ की कश्ती पर
सफ़र कर आ गए वापस
कभी हंस कर उदासी के
सभी नम...
हँस के बीमार कर दिया देखो
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हँस के बीमार कर दिया देखो,
तुमने अच्छी भली उदासी को
बाद मुद्दत चमन में आया हूँ,
मेरे फूलों, बताओ कैसे हो ?
कैसे कैसे हसीन मंज़र थे,
आखिरश हिज्र खा गया सब...
हमने इतिहास को देखा है...
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*इस बार अनजाने में ही हाथ लग गए एक नौजवान के कुछ नोट्स शेयर कर रहा हूं. नाम
और लोकेशन का पता नहीं, गौर से पढ़कर देखें शायद वह आपके पड़ोस में ही कहीं
हो..*...
Is your Inexperience Shutting you down?
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Ever had to go through the humiliation of being cut in the middle of your
presentation because someone thought what you have prepared isn’t worth
listening...
सांसद रेखा के बहाने
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सांसद रेखा के बहाने आज का पुराना सच्चा किस्सा याद आ गया . लोकतंत्र
भी कितना अजीब है हमारे यहाँ के सांसद इंदिरा लहर में जीत कर दिल्ली गए
. जब उनसे उनके क...
The Dawn of Hope
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In the distant horizon, the dawn broke, Rosy, like lovely lips, Golden,
like fairy-tale locks, Exultant, like the sailor boy, Gleaming, like the
scimitar...
Random Thoughts Continued
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नहीं देखीं कई दिनों से तितलियाँ,
पर सुना है अंधे भी प्रेम कर सकते हैं.
अपने होने पर शर्म तो कभी महसूस नहीं हुई,
क्यूंकि प्रकृति ने ही चुना था मेरे होने को.
स...
Everlasting drama.
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OKAY! It's been a week since I am back from a family gathering. Trust me,
It's more of a drama going on for a few hours. There are some who are
enjoying it...
अनूदित साहित्य
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पंजाबी कविता
कुछ प्रश्न कविताएं
-दर्शन बुट्टर
हिंदी अनुवाद : सुभाष नीरव
लिखी कोई नई कविता ?
कविता तो
‘समय’ लिखता है
मैं तो शब्दों को तरतीब दे...
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*मां की ममता पर सदियों से कविता, कहानी और उपन्यास लिखे जा रहे हैं। गोर्की
का उपन्यास 'मां' तो अपने में क्लासिक है ही। आज मातृ-दिवस यानी मदर्स डे पर
पश्...
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a 69 year lady from my friend list posted a status
" I wish there was only one currency with Lord Ram water mark over it."
Its a nice thought but I feel p...
आपकी दुआओं का शुक्रिया
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३० अप्रैल को मेरा बड्डे था.. उस दिन फेसबुक पर मुझे आप सबके विशेज मिलें.
आपकी दुआओं का बहुत बहुत शुक्रिया. इस बार मैंने बड्डे गुडगाँव में मनाया.
मेरे दादू ...
Did you see this?
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About a dozen people have sent me this video. Everyone told me that it was
wonderful. It is supposed to be about "eve teasing". However I must use the
...
अकेली औरत
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शीर्षक पढ़कर ही अजीब सा एहसास होता है ना? कैसे गंदे-गंदे ख़याल आ जाते हैं
मन में. ”एक तो औरत, ऊपर से अकेली. कहाँ है, कैसी है, मिल जाती तो हम भी एक
चांस आज...
A Silent Victim
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Disclaimer – All characters in this post are fictitious. Any resemblance to
persons living or dead is purely coincidental. Molestation – A heinous
crime pr...
कठघरे में आपा और मंटो
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*डाकिए की ओर से: *मौके पर सही साथ मिला है। हाल ही में इस्मत आपा की
आत्मकथा कागज़ी है पैरहन का अंग्रेजी अनुवाद हुआ है। हाथी रूपी समाज के सूंड़
में लाल चीं...
Fatness and 30 Rock and turtles.
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My life is a constant struggle between "Life is short yo, must eat
everything yummy before I die" and "Damn, being thin feels so good!"
Big Loser is a real...
Satyamev Jayate
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Nazar Suraksha Kavach *I’ll be honest – I’m a little tired of Aamir Khan
looking down at me from every hoarding in Mumbai as if I’m a pathetic human
bein...
DAY 179 (Enough is ENOUGH..!!!)
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Every one needs to be shaken and shaken hard to see what they had been
pretending to ignore. Everyone knows what is happening around them, in
their societ...
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The Pattern of so called "APPROPRIATE ANSWER"... It has been two years
since i started working as a faculty of law at Career Launcher, Patiala.
Being a par...
त्रासदी... (भाग-दो)
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*’कंपते थे दोनों पांव बंधु...’* (कहानी त्रासदी का भाग-दूसरा यह रहा....)
उसने सौलवें में कदम ही रखा था। देर रात चलने वाली कृष्ण लीला उसने कबीट का फल
खाकर द...
हमारी फिल्में, हमारे दर्शक
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*हिंदी सिनेमा के लिए आज सौवां साल लग गया है। अब भी ये उतना ही ताजा और जवान
लगता है। हमारे सिनेमा और हमारी जिंदगी का रिश्ता क्या है।*
*
*
-रामकुमार सिंह
...
आदर्शवादी ..
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घबराए आवाज में बुचिया ने मून बाबू को हंकारा लगाया- "ओ भैया, दौड़ के आओ
हो,देखो तो मैया को का हो गया.."
मून बाबू हड़बडाये दौड़ के आँगन में पहुंचे तो देखा मैया ...
एक लड़की और सूरज की दोस्ती की कहानी.
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वो सुबह बिस्तर से कूदकर उठती ...सूरज की अगवानी करने के लिए! उसे पसंद नहीं
था कि उसके उठने के पहले एक तोला सोना भी धरती पर बिखरे! बचपन में एक बार पापा
ने ...
संसद सदस्य?..आप भी बन सकतें है!...(व्यंग्य)
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*राज्य-सभा के नजारें....*
*सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के मैदान में जितने भी रन बनाएं, जितनी भी पारियां
खेली, जितने भी छक्के या चौके लगाएं....सब कुछ देश के ...
जटिल प्रेम के सरल से प्रेम पत्र
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मैंने कभी नहीं लिखा था
किसी को प्रेम पत्र
ये बात सौ फीसदी सच है
हां ये कहना थोड़ा अजीब होगा
कि कभी नहीं किया है प्रेम
मगर ये देखना दिलचस्प है
कि कुछ बच्चे...
बहुमुखी प्रतिभासंपन्न होना एक शाप ...
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चित्र-गूगल से साभार. जब आप के किसी ख़ास गुण की तारीफ़ की जाती है तो सुन कर
खुश होना स्वाभाविक है.
लेकिन जब आप बहमुखी प्रतिभासंपन्न हों तो आप के गुण ,आप की क...
Back breakers
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Not a day can go without experiencing at least a few of these when you step
out of the house. Aka speed breakers and Bangalore's "waiting to be
discovered"...
SATH..
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Kabhi tu sath hai mere, jaise saaya ho mera...
Kabhi tu paas hai mere, jaise ehsaas ho mera.
Har pal jindagi se ladti hu,akele ro bhi leti hu...
par tu ...
You don't have to 'do' anything for the earth
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Here I am, my laptop sitting atop a lush green leaf-shaped mat on the
dining table, the mud craft clock showing a 10.40am – too late to be doing
this ...
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as the night begins after 11
i am back to where i belong
obscure lanes,
shady lamps,
blue haze settles
and then i see my '*poems*'
the devil dance
the pries...
Hare Krishna Sad tune
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I have always hated commercial bhajans made for earning money, this one is
different. Her soft voice melts my heart like an ice-cream in the sun so
much ...
तेरे नाम के दो आंसू तो संभाले हूँ
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शिकायत तुझसे अब रही तो नहीं,
तेरी लकीर हाथों से गुजरी तो नहीं।
तेरे नाम के दो आंसू तो संभाले हूँ,
आज मेरे घर कोई कमी तो नहीं।
आँखों में है तेरे भी य...
My Home
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Collecting pebbles from the forsaken shores,
of so many stories left untold,
to where I built my house of stone,
a cherished place to call my own,
by so...
नइकी दुलहिनिया!
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नइकी, पहिले दिन ही आई तो, उसे पता था कि वो, सिर्फ दुबेजी का वंश चलाने के
लिए लाई गई है। उस पर हर समय बड़कई के गुस्साने का भी डर था। देखने में बड़कई
भी ठीक ...
तुम आना
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वणजारे हो ...सपनों की वणज करते हो..ऊँचे दाम भी नहीं फिर भी जाने क्यूँ सपनों
को खरीदने की हिम्मत नहीं होती..किससे सीखे इतने मीठे लफ्ज़ बोलते हो जो बेचते
हो...
Heal the world
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well, an earthquake just shook Indonesia and many other places....8.9
ritcher scale....tsunami warning issued to 28 nations...let's pray for the
world....h...
End of the line
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From blogging as 'Hakuna Matata' to being renamed as 'Jil Jil Ramamani',
this blog has seen it all. My writings from school through university,
travelogues...
Will you be the one?
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God has made someone for each one of us.He sends that very person in our
life who makes life as beautiful as it has never been before. One who comes
in our...
और वह मरने कि हद तक जिन्दा रहा!!
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दो लोग अनिश्चितता की स्थिति में बैठे हुए थे.. एक ही बेंच पर.. दोनों अपने
कोने को पकड़ कर, जैसे किसी समानांतर रेखा कि ही तरह कभी ना मिलने वाले.. यह
एक लंबी...
Dat's the Feeling of Mental Oneness....
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U won my heart n kept mind aside
I lost my mind n put heart inside
U wr not a winner but won a little bit
I ws not a quitter but trying to quit
………………………...
Little things you Do!
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I quit my job five months ago. Since then I've given a couple of Interviews
and the status has been pending. From nowhere have I heard a negative
response....
कुछ देर ठहरना
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यह किसकी आहट है
इतनी महीन
मानो सहला रही हो कानों को
इतनी शिद्दत
मानो खींच रहा हो चुम्बक लोहे को
प्यार क्या यह तुम हो
यह किस रंग मे चले आ रहे हो तुम
थ...
jeevan path
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*जीवन पथ *
हम बढ़ जाते है आगे ,
इस जीवन पथ पर .
छूट जाता है ,
बहुत कुछ पीछे .
कुछ खट्टी कुछ मीठी ,
यादें साथ चलती है .
सोचती हूँ कई बार -
काश! हम लौट पाते,
उ...
for a while...
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i know you will be gone..
i know i will be alone..
lets feel the memories,moments we spent together..
it will bring a smile..
so can you stay for a while....
Vidai
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When I woke up that morning, I felt the summer before I realized I was up.
I had been sleeping on our *chhat*, the terrace that joined other terraces,
th...
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छातों से रिश्ते
गर्मियों की दस्तक ने इतने दिनों से भूले छातों की याद फिर दिला दी . पुराने
कुछ ख़राब से हो गये थे सो बाज़ार से नए लाये गये , जब उन छ...
हिंदू नववर्ष नुबारक हो........
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आज 23 मार्च २०१२ से हिन्दू नववर्ष एवं विक्रम शक संवत्सर २०६९का आरंभ हो गया
है. हिन्दू नववर्ष के आरंभ के साथ ही नवरात्र भी प्रारंभ हो गए हैं. बसंत ऋतु
के आ...
जिंदगी और बता तेरा इरादा क्या है?
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*सुख* हाथों की पहुँच से दूर नहीं हुआ करता था... दाल में नमक की तरह सुख का
स्वाद दिन में कम से कम एक- दो बार तो आ ही जाता... जिंदगी के रंगों से भरपूर
.. स...
Durga turns "ONE"derful
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*First two months I was a tiny-cute pest*
*I wouldn’t sleep nor let mommy rest*
*Second month daddy brought us home*
*Everyone said I look like his clone*
*T...
चलता हुआ
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रास्ता ठिठका
शायद कुछ कहना था उसे
मगर में समझा नहीं
और वो अनमना
चलता रहा
आज भी चल रहा है
मगर मैं कभी कही नहीं पहुंचा
अनमना मैं भी अब
रास्ते के साथ हूँ ..चलत...
Cesses in excess, mum on scams!
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First published on Tehelka.com Must say, the nation has been ambling along
fairly well ever since the days of the Preamble. Over the years we have
fought a...
And a candle in the distance.
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She was like a kid in a candy shop. Except, it was a candy shop for twisted
kids and she was a twisted kid. Instead of candy there are jars and jars of
tho...
Zindagi ki inn raahon me...
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*Ji karta hai zindagi ki in raho me do kitabein likhu...*
*Ek sabko padhau aur dusri sabse chhupa kar rakhu... *
*Kucchh achi baatein likhu....*
...
Guetta out of the grounds I say.
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We've finally done it. Learnt to go to bed like good children by 9, ie.
Even David Guetta couldn't stop us. He tried, I hear. Flailed his arms
about and e...
कहीं राह में रख देते तो बेहतर था
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*प्रमोद रामावत की गजल.....*
१.
खामोशी का अर्थ समझने की खातिर
सारा जीवन शोर मचाते रहते हैं
सिर का इससे अच्छा क्या उपयोग करें
यहाँ वहां हर जगह झुकाते ...
To BB or not to Be
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*a.k.a. Apocalypse how?*
She tapped at her BB again. A watched BB receives no ping, she knew. But
she couldn’t help it. It was her lifeline, her umbilical ...
इक ही रंग.....
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मैं तुम्हें सिर्फ
इक ही रंग
दे सकती हूँ।
तुम जब भी
अपने गालों को छुओगे,
देखना, कुछ प्यार-सा रंग
हाथ में भी आ जाएगा।
जो आँखों से छलके
अपनों से दूरियों का ए...
पगोडा
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पगोडा...जब से गोराई में पगोडा बना है तब से ही कई बार हमने यहाँ जाने का
प्लान बनाया लेकिन कभी जा ही नहीं पाए...पिछले सन्डे हम यहाँ गए...घर से
मार्वे तक ऑटो...
मोक्ष
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इन बीस सालों में वह अपनी बेटी से नहीं मिला था | वह नहीं चाहता था कि उसकी
बेटी को पता चले कि उसका पिता कौन है | अपनी सारी हैवानियत को आज ताक पर रखकर
वह...
वोही सुकून नहीं है
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एक बिल्डिंग से निकल कर
वेहिकल पे थोड़ी दूर चल कर
एक बड़ी सी बिल्डिंग में
घूस जाते है शौपिंग के बहाने
या मूवी का लुत्फ़ उठाने
और कुछ भी न सूझे तो खाना दबाने!
...
Hooked to Books
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As far as I can remember, the first book I laid my hands and eyes on, was a
big, powder blue book of 'Aesop's Fables'. My father bought me the book
when I ...
तुम ही
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लोगों की इस भीड़ में,
तुम ही क्यों वो अपने हो,
जीवन भर जो साथ निभाए,
तुम मेरे वो सपने हों...
प्यार के हाथ कईयों ने बढ़ाये,
तुमने थामा हाथ मेरा,
शब्द के बाण...
Words are winds and smoke
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Today I finally wrote.
I wrote about you, and I, and us. I wrote about the first kiss, the first
touch. How we held hands the first time. How innocent an...
Susan Boyle
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We judge books by their covers far too soon .... and we are often so so
snobbish. But those with true talent always remain humble, and in the end
beat all ...
निशांत की कोलकाता श्रृंखला की कुछ कविताएं
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*निशांत* प्रेम-और बेरोजगारी के कवि के रूप में काफी लोकप्रिय हुए थे। *सत्ताईस
साल की उम्र में* कविता पर उन्हें प्रतिष्ठित *भारतभूषण अग्रवाल* पुरस्कार
प्राप...
गुस्सा - वुस्सा
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कितनी बार समझाया है तुमको २ बजे के बाद तुम्हारी खबर नहीं मिलती तो बेचैन हो
उठती हूँ मै...सुबह से जाने कितने क़िस्से थे जों तुम्हे सुनाने थे, किचेन में
कु...
पचास साल से जगमगाता है एक तारा
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जनसत्ता में छपा मेरा लेख,यंहा साभार ...
अंधेरे और आंसुओं का रिश्ता पुराना है न? एक पूरी दोपहर थिएटर के अंधेरे में
एक फ़िल्म मुझे रुलाती रही, पल भर को नही...
Bhagwaan...
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Kisee ne bataya tha, tum ek kadam
bhagwaan ki taraf loge to wo sau
kadam tumhari taraf lega...
Buss waheen par sara ganit gadbadaa gayaa,
maine uski taraf ...
गीता का सामाजिक पक्ष - दामोदर धर्मानन्द कोसांबी
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बहुतेरे महापुरुषों को गीता ने अत्यंत प्रभावित किया है जैसे, महात्मा गांधी,
बाल गंगाधर तिलक, 13वीं सदी के महाराष्ट्री सुधारक ज्ञानेश्वर, उनसे पूर्व के
वैष्...
...कुरसी के लिए जज्बात को मत छेडि़ए
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सुधीर मिश्र...रिपोर्टर डायरी (19 सितम्बर 2008)
बटला हाउस एनकाउन्टर सही था या गलत। इसकी तस्वीरें देखने के बाद सोनिया गांधी
रोईं थीं या नहीं? झूठ सलमान खुर्शी...
दस्तक..
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लफ़्ज़ों ने दिल पे दस्तक दी
कि अरसे से कुछ लिखा नहीं
यूँ तो सोच रोज़ सुलगी
धुआं कहीं दिखा नहीं॥
मैं रोज़ ख्यालों के दर पर
जाकर भी लौट आता था
जाने वो अनजाना सा...
गुलमर्ग : बर्फ का कालीन और सफेद सर्द रातें
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गुलमर्ग की एक शाम, समय 6 बजे।
न अंधेरा ना उजाला।
टहलने के लिए निकला हूँ।
बर्फ के फोहे अचानक हवा में लहराते नजर आने लगे हैं।
जैसे शाम की धुन पर पेड़ों के बी...
Meet José.
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When I first came to Denmark, I was curious about an author Danes talked
about ALL THE TIME – José Andersen, a distinctively foreign name in a sea
of Jense...
From My Desk: जागते ख्यालों की रातें
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From My Desk: जागते ख्यालों की रातें: रात का वक़्त सोने के लिए होता है और
आमतौर पर लोग रात को सोते ही हैं. पर कभी- कभी ऐसा होता है की नींद आती नहीं
है या श...
सुनो, सपनों के राजकुमार...
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*सुनो, सपनों के राजकुमार*
*तुम्हारे सिवा किसी से ना चाहा प्यार*
*चुप सह लिया इसीलिये मन पर हर वार*
*और मांगा तुम्हें, चाहा तुम्हें*
*पहले से ज़्यादा हर बार...
रजत जयंती समारोह
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मेरे विद्यालय में रजत जयंती समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य . इस
नृत्य को मैंने तैयार करवाया था . आपको कैसा लगा देख कर अवश्य बताइयेगा....
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!
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पुस्तकायन.....ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!
जय हिंद...वंदे मातरम्।
मीडिया: कल, आज और कल
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मीडिया की आज़ादी की बात अभिव्यक्ति की आज़ादी के समानांतर है. जितनी ज़रूरी
अभिव्यक्ति की आज़ादी है उतनी ही ज़रूरी मीडिया की आज़ादी भी है. और मुझे यह
कहने मे...
जो गुरु बसै बनारसी, सीष समुन्दर तीर
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रवीन्द्रनाथ टैगोर के अनुसार, प्रारम्भ में ही ज्ञान शिक्षा का आश्रम
स्थापित करने के लिए गुरु की आवश्यकता पड़ती है। शिक्षक तो आवेदन करते ही लाइन
लगा देते है...
कैलेंडर बदलने से पहले
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आज, वक्त के इस व्यस्ततम जंक्शन पर
जबकि सबसे सर्द हो चले हैं
गुजरते कैलेंडर के आखिरी बचे डिब्बे
जहाँ पर सबसे तंग हो गयी हैं
धुंध भरे दिनों की गलियाँ
सबसे भ...
Fir Wahi Raat Hai
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Its one of those nights. Nights when even after everyone is asleep and your
tired body is demanding sleep it badly needs, your mind refuses to. Or is
it yo...
अधूरा सा कुछ
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मफलर का एक शिरा फंस गया हो जैसे
ठीक वैसे
यादें उघडतीं जाती है
यादें तब कि
जब भूला जाया करता था Y2K समस्या
और याद रहते थे मीर ओ बशीर
यादें तबकि
जब तुम्हार...
Life Lessons for my Kid
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Dear Kid,
While its your life, and you have to learn your own lessons, thought I
could make it easier for you by sharing some lessons I have learned.
*LI...
Ladkapan.
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Samjhte jo dard ke mayne
To ishq na karte yun..........!
Ek junoon sa chaya karta tha..
aur apne hosh ganwaa beithe..!
kya karte ,
samjh ke ghere se jo ba...
''''''kaisa sa hai vo????'''''''''
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Janta hai dil,,kasoorvaar hai vo....
phir bhi,, kyu??
khuda se khushi ki darkaar kare hai vo....
Jaanta hai ,,gehraai mein bahut udaasi hai chai,,
phir itn...
कल भी मंत्री, कल भी मंत्री...
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कल मुख्यमंत्री और कल वनमंत्री...
अरे नहीं नहीं, ये किसी राजनीतिक दंगल की बात नहीं हो रही और न ही मैं किसी
उलटफेर की खबर आप तक पहुंचा रही हूँ... ये तो बस हम ...
'लेडिस' से त्रस्त जेंट्स
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हमारे देश में एक तरफ तो महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी की बात होती है, तो वहीँ दूसरी ओर महिलायें खुद महिला होने का फायदा उठाती हैं. जी नहीं, ये कोई नारीवाद क...
शंकराचार्य का रचनाकर्म : एक समीक्षा
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(यह लेख गर्भनाल पत्रिका के दिसंबर अंक में ‘शंकराचार्य का रचनाकर्म :
विज्ञानवादी दृष्टि से एक समीक्षा’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। यहां उस आलेख
का मूल प्रारू...
मगरमच्छ से मुकाबला..
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दिल्ली के चिड़ियाघर से मैं और मम्मा एक मगरमच्छ खरीद लाये.. बड़ा सा.. मुझसे
भी बड़ा.. और अब प्रेक्टिस हो रही है उसे काबू में रखने कि...
पहले मुंह चेक क...
Glimpse to Jumbish n Sign Cafe
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This Saturday, PJI was witness to a spectacular workshop by Surabhi Jain, a
newbie at Pravah but no newbie at sharing things beautifully :) She
conducted ...
Musings
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*In you, I found my muse,*
*My life seems no more obtuse..*
*
*
*I has transformed to We,*
*My future with you is all I could see..*
*
*
*You give me a rea...
बस नदी हो जाना .....
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नदी का सपना...
नदी को पाना
अब जैसे कुछ भी करना...
बस नदी हो जाना .....
नीम बेहोशी खुशियां...
जागते सोते गलतफहमिया....
एक अंजुरि नदी मेरे भीतर ......
हर पल ...
I, You and Fate
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I was sitting in my hostel room, studying for my last semester exams
starting next morning, when my cell phone rang. It was a female voice from
other end. ...
WE ARE CLOSING
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*Hello readers,*
*
*
*It’s sad on my part to having written this, but we are closing this blog.
This means that no more new posts will be posted here. But ...
कहानी के इस भाग के प्रायोजक कौन है ?
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मैं कहानी में पूरी तरह से डूबा हुआ था.. या यू कह लीजिये कि मुझे तैरना आता
ही नहीं था.. एक छोटे से लकड़ी के तख्ते से लटका हुआ मैं आधा डूबा और आधा बचा
हुआ स...
प्रजातंत्र की पीड़ा
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बिहार की जदयू विधायक जगमातो देवी के निधन से सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा
क्षेत्र की सीट खाली हो गयी है। इस जगह के लिए चुनाव होना है। प्रजातंत्र की
पुका...
गंदी कविता
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सरकार गंदी हो गई, अखबार गंदे हो गए।
इस शहर में बंदे के, क्या-क्या धंधे हो गए।
बनियान गंदी हो गई, जुराब गंदे हो गए।
छुप-छुप के आ रहे जनाब, ख्वाब गंदे हो गए।...
Change
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It wasn’t merely the oldest street in the city. It was older than the city
too. It was called bazaar street then, when the city was a village on the
river ...
ग़रीबी रेखा के ठीक ऊपर
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On the Way to Daarjiling - Raghu Rai
वे कौन लोग होते हैं
जो किसी अपरिचित की शवयात्रा में
चलते हैं हुजूम के साथ
उदासी चेहरों पर लादे
कौन होते हैं वे
आध...
lazy dusk........
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when i look above..cn c the starts shining so bright ..evn diamonds may
feel shy.....covering me in there velvety blanket..looking at me from
above.,,,,,te...
रिश्ते बड़े अजीब हैं, तेरी गली के साथ...
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*पापा आज आप बहुत याद आ रहे हो, बहुत याद आ रही है। आपके बिना जिंदगी बहुत
मुश्किल हो गई है। मेरे पापा की एक बहुत खूबसूरत ग़ज़ल आप लोगों के साथ शेयर
कर रहा हू...
रुकी हुई रेल
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*हिलते पर्दे से छनकर रौशनी आती है , शीशे के बोल में अरालिया की एक लतर , किताबों
की टांड में एक ग्रॉसमन , रिल्के की ना समझी कोई कविता की एक अदद पंक्ति, चाय ...
हाय रे ! हिंदी !
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हाय रे ! हिंदी ! तेरी अजब कहानी
तू हिंद महासागर
फिर भी
हम भरते दूसरों का पानी
गुलामी की भाषा बोले जो
सिर को ऊँचा करके चलते
हिंदी भाषा के ज्ञानी...
क्या कभी सोचे गए हम
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अजनबी खुद को लगे हम
इस कदर तन्हा हुए हम
उम्र भर इस सोच में थे
क्या कभी सोचे गए हम
खूबसूरत ज़िंदगी थी
तुम से मिलकर जब बने हम
चाँद दरिया में खड़ा था
आसमाँ ...
रिसेशन– नॉट अ मनोहर कहानी
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[image: 2681452360]
*१*
कई दिनो से वह बहुत खुश थी। आँखो की चमक काफ़ी बढ गयी थी, मुस्कराहटें मीलों
जितनी चौडी हो गयीं थीं। एक हफ़्ते बाद उसके बच्चे इंडि...
Life can be killed ..but not courage...
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The morning of August 16 was surely a moment of pride for the nation,
people gathered with open arms to support Anna in every way they could.
Some travel...
दूसरी आज़ादी !
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'गज़ब यार, मैंने तो आजतक ऐसा आदमी नहीं देखा !'
'कैसा ?'
'अन्ना जैसा......क्या आदमी है यार !!........अकेले ने ही हिला दी सारी सरकार
!!!'
'ये बात तो है '
'बर...
"बात जो पचती नहीं"
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ऐसी ढेर सारी बातें होती हैं जो नहीं पचती. लेकिन थोडा सामंजस्य के बाद या फिर
यूँ कहें की थोडा दायें-बायें कर बातों को इस लायक बना लिया जाता है ताकि वे
आस...
फिर मिलेंगे
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*मित्रों, एकाएक मेरा विलगाव आपलोगों को नागवार लग रहा है, किन्तु शायद आपको
यह पता नहीं है की मैं पिछले कई महीनो से जीवन के लिए मृत्यु से जूझ रही हूँ ।
अचानक...
SMILE
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*SMILE*
*Smile, just go a mile*
*you see when you smile*
*You give to anyone a smile*
*he will return it you*
*with millions of joys*
*Smile is jus...
High Fiction - Dreams That Won't Die In Oblivion
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I started blogging in the year 2006, things changed, many things evolved, I
wrote things that fascinated my soul, I have found paradise in my blog.
Suddenl...
Random quotes of an artist - कुछ सजल एहसास
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- My life is a full circle - I exist because I write, I write because I
feel, I feel because I exist.
- Science will diasagree, but I do not...
मेरे हैं सिर्फ पंख...: आपरेशन छिपकली
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मेरे हैं सिर्फ पंख...: आपरेशन छिपकली: "छिपकली ओ छिपकली , पता नहीं क्यों रख
दिया गया है इसका नाम छिपकली। छिप कर खिलने वाली कली होगी शायद ये। देखा तो
नहीं छि...
Rahul Gandhi vs Mayawati
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For the first time after starting a campaign against the government’s land
takeover, Congress leader Rahul Gandhi Wednesday attacked Uttar Pradesh
Chief M...
Trust..
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Trust is a feeling thats always worth achieving,
Trust the secret and the truth,
Trust the old and the youth,
Trust the dust and the rain,
But to trust human...
ट्रेन और ज़िंदगी
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बाहर के दरख़्त, इंसान, जानवर अमूमन सभी कुछ पीछे की ओर भाग रहा था। उसका शरीर
पटरी पर दौड़ती गाड़ी के साथ तेजी से मंज़िल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पीछे
भागते...
Murderous Murder 2
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Ludhiana: 8th July, 2011. 9: 00 pm onwards-
Mampi on whatsapp (hereafter referred to as WA) with cousins from Jaipur:
Garry. Its been a while since...
राग सोहनी
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पारिजात झरते हैं निःशब्द जिस पहर
गोपियाँ पैर की झांझर उतार दबे पाँव
लौटती हैं रास से
रात समेटती है अपनी ओढ़नी जिस
घड़ी
योगी, उतरता है कोई ध्यान में ,
शिशु क...
AN SMS CHANGED MY LIFE
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God: Hello, u called me?
I,Me,Myself : called u? No, who is this?
God: This is god, I heard Ur prayers. So, I thought I would chat with u.
IMM:Sure, I pray. ...
हिंदी कविता
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दोस्तो, भाषासेतु और हिंदी साहित्य की दुनिया में पहली बार दाखिल होने वाले ये
हैं नफीस खान। ३० नवम्बर १९८६ को बेतिया, बिहार में जन्मे नफीस जेएनयू में
च...
FOUR IN THE MORNING ..!!
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Four in the morning... !
It's about to shine and a I'm still up...
It's about to be a new day,
But I'm still up.
Its not that's its something new for me....
यह लालच मरता क्यों नहीं?
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छठी में एक कहानी पढ़ी थी। लालची कुत्ते की 'ग्रीडी डॉग'। पढ़ी अंग्रेजी में
थी पर याद हिंदी में है। लालच के बहकावे में आकर कुत्ते ने अपनी परछाई से ही
दूसरी र...
samaj me mahilaon ka sthan
-
*
*
बहुधा हम देखते हैं कि किसी महिला का समाज में परिचय देते समय
यह भी उल्लेख किया जाता है कि वह कामकाजी है या घरेलू.घरेलू महिला का अर्थ
हो...
किताब की नायिका एवं महत्वपूर्ण पात्र
-
मैं जब उनसे मिला था, तब सर्दियों के दिन थे. तब शुरू के दिनों में वह मेरे लिए
अन्जाना शहर था. बाद छुट्टी के मैं रेलवे ट्रैक के किनारे बैठा सिगरेट फूँका
करत...
एक आध्यात्मिक घटना!
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आजकल परीक्षा परिणामों का सीज़न चल रहा है। रोज़ अख़बार में हवा में उछलती
लड़कियों की तस्वीरें छपती हैं। नतीजों के ब्यौरे होते हैं, टॉपर्स के
इंटरव्यू। तमा...
तेरे आने की आहट से
-
तेरे आने की आहट से
फिजायें रंग लायीं हैं|
खिले हैं फूल गुलशन में,
बहारें मुस्कुराई हैं|
शरारत की है मौसम ने
फलक से घूँघट हटाया है
चमक उट्ठी है हर सू यूँ...
RED SPARROW...( नया हिन्दी नाटक... अरण्य)
-
Red sparrow...
Manav kaul...
Scene-0
(रस्कोलनिकोव एक कमरे में अकेला खड़ा है। वह इधर-उधर देखता है... एक आदमी
प्रवेश करता है वह दूसरे को इशारा करता ह...
Unhealthy Noodles
-
Forget Instant Noodles. If you are youngster I guess you can digest/enjoy
instant noodles like Maggi or Top Ramen and survive. Don’t give it to your
kids t...
47 comments:
दुख है, आपकी इस होली-पार्टी में हम न हुए। बहरहाल, होली की शुभकामनाएं।
बहुत शानदार होली.. भाई पूरे ब्लोगजगत में घूम आये.. शुभकामनाऐं..
वैसे पल्टू तो पल्टी मार गया, पर मैं हूं न.. मिलते है..
पढ़ने में बहुत सुन्दर लग रहा है। काश यह भौतिक रूप से एक स्थान पर हो पाता!
बहुत सुन्दर और सटीक कल्पना है मित्र। और बहुत कम ही ऐसा कर पाने की कबलियत रखते हैँ!
waah bahut hi rangin rangi hai blogger holi jabardast:)
कुश भाई होली मुबारक । अच्छी हुडदंग मचायी है इस होली .............
होली है।बुरा न मानो होली है।
असली से भी ज्यादा असली होली खेल ली आज तो,कुश भाई होली का असली मज़ा आ गया।एक्दम शुद्ध यानी बिना मिलावट यानी बिना पानी यानी एक्दम नीट यनी झक्कास,बोले तो फ़र्स्ट किलास्।
होली की रंग-बिरंगी बधाई। अभी से।
हा हा कुश भैया, आपने तो होली का अजब माहौल बना दिया। वाह वाह वाह! ये तो वास्तव में ब्ला॓गीवुड की होली हो गई। हमारी तरफ़ से आपको बहुत बहुत साधुवाद और बधाई, इस अति सुन्दर रंग यात्रा के लिए। बहुत आनंददायी पोस्ट।
वाह जी वाह .. खूब रंग आपने तो बहुत बढ़िया ....इस से बेहतरीन होली कोई हो ही नहीं सकती ..हर ब्लॉगर के रंग को आपने अपने रंग में बहुत अच्छे से रंग दिया ...होली की बहुत बहुत बधाई ..
गदगद हो गए हो गए हम तो आप की होली चर्चा पढ़ कर...भाई होली से पहले ही आनंद आ गया...मिष्टी इस बार अपने चाचा को रंगने आने वाली थी लेकिन आप तो भाग रहे हैं जोधपुर को...हम समझा देंगे उसे की ऐसे डरपोक चाचा से क्या होली खेलनी... अगले साल खेलना...
आप को होली की ढेरों शुभकामनाएं...थोडा सा गुलाल हमारे नाम का भी लगा लेंगे तो मजा आ जायेगा...
नीरज
बहुत सुन्दर, मजा आ गया। यह आनन्द, मस्ती और यह चहचहाट उम्रभर आप सबकी जिन्दगी में बनी रहे। होली की शुभकामनायें ।
वाह कुश, क्या रंग बिखेरे हैं होली के हमारा तो दिल खुश हो गया यहाँ इतने लोगो के साथ होली खेल कर...क्या माहौल है ब्लॉगजगत में, कहीं गुझिया सम्मलेन हो रहा है, कहीं रंग बरसे करा रहे हो...बड़ा अच्छा लग रहा है, वर्चुअल ही सही, होली तो खेल लिए. घर जाओ होली मनाओ, पूआ दहीबडे खाओ...होली मुबारक!
वाह जी... सबके चेहरे लाल-गुलाबी नजर आ रहे हैं.. हमसे भी गुलाल लगवाते जाइए..
लगता है, अगली ब्लॊगर मीट हॊली वाले दिन ही रखी जानी चाहिए ताकि सबकी कल्पनाएँ साकार हो सकें।
चलो कुश तुमने होली पर याद तो रखा शिव मिश्र जी ने तो गुजिया गोष्ठी से अलग ही कर दिया .
होली या फागुन
लाये बस हँसी ठिठोली
अबीर गुलाल से रंग जाये
सबके मन और तन
दूर हो कालिमा आतंक कि
होली के रंगों से
बस यही हैं कामना
मेरे मन की
सुन्दर अभिव्यक्ति///हा हा!!
बेहतरीन होरियाये भई..अनूप द नॉटी बेबी..नागिन नाचते कैसे लग रहे होंगे-चित्र दिमाग में खींच कर मुस्करा रहा हूँ.
सही मनवा दिये होली...होली की शुभकामनायें
गजब कर दिया भाई... जाने कितने वर्षों बाद इतनी बढ़िया होली खेली हमने. बहुत मज़ा आया. ये रंग तो छुड़ाने का दिल नहीं कर रहा.
होली की ढेर सारी शुभकानाएं.
सुखी ब्लॉग परिवार का अच्छा चित्र ...हमारी और से भी होली की बहुत शुभकामनायें.
बहुत बढिया पोस्ट लिखी आपने .... बहुत दिन बाद होली इतनी अच्छी तरह मनाया ... ये रंग काफी दिनों तक उतरेगा भी नहीं .... आप सभी को भी होली की बहुत बहुत शुभकामनाये।
आपकी सोच की दाद देनी पड़ेगी ।
इसे पढ़ते-पढ़ते मेरा तो हंस-हंस कर बुरा हाल हो गया ।
कुश इतनी रंगीली होली और इतने लोगों के साथ खेल कर मजा आ गया ।
शुक्रिया !
कुश,,,सालों बाद ऐसी यादगार होली खेली जो भुलाए ना भूलेगी...
ज्ञानजी से पूरी तरह से सहमत.... कविताजी का सुझाव भी बढिया है..कल्पना सच हो तो कैसा हो.... :) फिलहाल होली की ढेरों शुभकामनाएँ
अरे कुश जी, मैं तो अपना नाम ढूंढता ही रह गया. असल में उस गैंग में मैं भी तो था. लेकिन मेरी शक्ल ही ऐसी हो गयी थी कि आप पहचान ही नहीं सके. चलो यही तो होली के मजे हैं
ब्लोगरों की होली देख तो मज़ा आ गया .......भाई वाह
होली की ढेर सारी शुभकामनाएं
मदमत्ता घूमें लिये, इन्द्रधनुष कौ रंग
पै ब्लागी हुरियान पै, छायौ कुश कौ रंग
हो हो हो ...कैसी होली खेली है तुने कुश कि दिल हो गया है वाकई खुश ! घर par खूब hulaad के साथ होली मने -रंग बिरंगी शुभकामनाएं !
बढिया होली हो ली। पर यह क्या कि बात गुझिया से पकोडे पर आ गई:)
bahut khuub! yah bhi nirala dhang dekha holi ka!
badiya imagination hai...
mast mast jabardast!!!!!!!
Holi mubarak ho aap ko bhi!
क्या कहे भैय्ये ...राजकपूर की तरह तुमने एक टब नहीं बनाया ...सबसे बढ़िया तो वही तरीका था ...खैर ठंडाई मस्त थी ..पेक करवा के ले आते ....अच्छा हाँ आते वक़्त पी डी भैंस से गिरे पड़े थे .....हम बताना भूल गए ....देखना घर पहुँच गए की नहीं .
सही है . :) जमाय रखिये . उर्जा बचाये रखिये .किसी को भागने मत देना. हम भांग लेकर आते है :)
वाह कुश भाई क्या गजब की पोस्ट लिख डाली है होली पर,सभी साथियों के साथ। दिल खुश हो गया। काश कि ये कल्पना किसी दिन सच हो जाए। आपको सपरिवार होली की रंगो से भरी बधाई।
भाई पोस्ट पढ कर बिना पिये ही भंग भवानी का असर माथे पर चढना शुरु होगया. ताऊ की तरफ़ से इस पोस्ट को "post of the year" का अवार्ड दिया जाता है.
शायद एक दिन यह भी संभव होगा कि हम ऐसी होली भी मना पायेंगे. हम तो आशावान हैं. आपको और आपके इष्ट मित्रों को सभी बलागर ब्लाग्ररणीयों को होली की घणी रामराम.
रामराम.
अरे वाह कुश भाई, इस पोस्ट पर तो आज ही नज़र पड़ी. बहुत ही बढ़िया...
कुश जी तथा सभी हिन्दी ब्लोग जगत के साथियोँ को होली पर्व पर रँगभरी शुभकामनाएँ
सच मानिये,लतादी व अमित भैया के सँग होली खेलने का इत्ता मज़ा नहीँ आया जितना
आप सबी के साथ आया !!
कुश , तुम्हेँ गुलाल का टीका लगाने के बाद,तुम्हारे , कान खीँचूँगी :)...खूब हँसी आई भई ...
सभी को नाचता हुआ वीज़ुअलाइज़ करके ...
खुश रहो...हमेशा हँसो और हँसाते रहो !!
स स्नेह,
लावण्या
आनंद आ गया यह मानसिक होली खेल कर। इस होली के फोटो सोटो भी होती तो मजा आ जाता। वास्तव में इस होली पर एक शानदार फोटोग्राफर भी हमारे साथ थे। लगता है। आप की रिपोर्ट पहले आ गई और फोटो अभी प्रोसेस ही हो रहे हैं।
अरे, फोटो ग्राफर साहब! आप का कैमरा कहाँ रह गया। आप फोटो बनाने में ही रह गया समाचार पहले छप गया। जरा अपने फोटो की नुमाइश भी कर डालो।
अरे हम तो ठंडाई ही घोटते रह गये, ओर सब को पिलाते रह गये, अब तो सभी रंग भी खत्म हो गये....
चलो हमारी तरफ़ से...
आपको और आपके परिवार को होली की रंग-बिरंगी भीगी भीगी बधाई।
बुरा न मानो होली है। होली है जी होली है
हम तो सबकी फ़ोटो बना रहे हैं अभी मन में। मौज आ रही है सोच-सोच के!
इस रंग में हम कहाँ हैं? पर जो भी हैं,मस्त हैं.......रंग से सराबोर,
होली की शुभकामनायें
मेरा एक लघु एतराज़ दर्ज़ किया जाय..
" पहले होली तो मना ले.. इतना बोलके सबने एक एक करके डा साहब को रंग लगाया.. "
और असली गऊ ब्राँड डाकटर साहब ने रंग लगवा भी लिया !
यह तो दुनिया का नौवाँ आश्चर्य है..
अब यह रही टिप्पणी
बोल पड़े ताऊ : रै डाक्टर, आठवाँ आश्चर्य कोण सै, भई !
सो ठिठक गया मैं : ऎ ताऊ, शिनाख़्त भी ना कर सकता, जरा पैचान कौण.. ?
टपक पड़ीं सीमा गुप्ता जी : इस तरिंयों ना बोल ताऊ.. मेरे को तो तू ही लाग्यै :)
अरे वाह, सारे ब्लोगर यहाँ होली खेल रहे हैं। बहुत अच्छी होली मना ली। कुश होली की बहुत बहुत शुभकामनायें।
वाह...बढ़िया रंग जमाया होली का.....
होली मुबारक !
होली मुबारक हो.....
होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!
होली की शुभकामनाओं सहित!!!
प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर
होली कैसी हो..ली , जैसी भी हो..ली - हैप्पी होली !!!
होली की शुभकामनाओं सहित!!!
प्राइमरी का मास्टर
फतेहपुर
होली की आपको एवम परिवार को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं.
कुश...वो होली खेलने के चक्कर में मेरी पिचकारी कहीं छूट गयी!जरा सबसे पूछ लेना किसी के पास तो नहीं चली गयी!शायद ठंडाई ज्यादा हो गयी थी!
होली का तो आनन्द ही कुछ और है।
हार्दिक शुभकामनाऍं।
आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद.. कृपया अपना आशीर्वाद यू ही बनाए रखे.. होली क़ी बहुत बहुत शुभकामनाए..
इतनी ठंडाई... वाह मेरे भाई.... अब पता लगा कि अब तक होश क्यों नहीं आई.... बहरहाल.. होली बंपर मुबारक...
इस रंग भरी होली के बाद हमारे इन्टरनेट को ठंढ लग गयी :( अब जाके किसी तरह थोडा सुग बुगाया है.
देर से ही सही... होली मुबारक :-)
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वो बात कह ही दी जानी चाहिए कि जिसका कहा जाना मुकरर्र है..