Wednesday, August 24, 2011

कमेन्ट से मोडरेशन हटा दिया है गुरुवर.. आओ ना..!!!

कमेन्ट से मोडरेशन हटा दिया है गुरुवर.. आओ ना..!!!

32 comments:

  1. ब्लॉग जगत में तुम उनके मानस पुत्र थे
    इस लिये तुम्हारा नुकसान मुझ से ज्यादा हैं
    लेकिन डॉ अमर की माता जी जीवित हैं उनके नुक्सान के आगे हम सब का नुक्सान कम हैं
    ईश्वर डॉ अमर की माता जी को इस नुक्सान को झेलने की शक्ति दे
    आज डॉ अनुराग भी बहुत ध्यान में रहे
    तुम्हारे बाद डॉ अमर से सबसे ज्यादा स्नेह उन्हे ही मिला हैं
    और तुम दोनों का मौन इस बात का सूचक हैं की इस नुक्सान की भरपाई संभव नहीं हैं
    बस डॉ अमर की माता जी का सोचो तकलीफ और दर्द कम लगेगा

    ReplyDelete
  2. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें॥

    ReplyDelete
  3. बहुत दुखद पूर्ण समाचार

    ReplyDelete
  4. :( काश..वहाँ से वापिसी हो पाती...

    ReplyDelete
  5. कहने को कुछ शब्‍द नहीं .. विनम्र श्रद्धांजलि !!

    ReplyDelete
  6. दोस्त ! हम लेट हो गये .....

    ReplyDelete
  7. इतना तो है कि अब लोग माडरेशन लगाते समय एक बार अमर जी को जरूर याद करेंगे.....उनकी बेबाक राय, तमाम बातें अब यादें ही बन कर रह गई हैं :(

    विनम्र श्रद्धांजली।

    ReplyDelete
  8. My sincere condolences. Its sad and shocking...

    ReplyDelete
  9. अफ़सोस! अब वे कुछ ज्यादा ही दूर हो गये हैं। :(

    डा.अमर कुमार को विनम्र श्रद्दांजलि!

    ReplyDelete
  10. सबसे अलग श्रद्धान्जलि।

    ReplyDelete
  11. उनकी टिप्पणिया याद आएँगी !

    ReplyDelete
  12. विनम्र श्रद्धांजली।

    ReplyDelete
  13. !! विनम्र श्रद्धांजलि !!

    ReplyDelete
  14. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें .......

    ReplyDelete
  15. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच

    ReplyDelete
  16. This comment has been removed by a blog administrator.

    ReplyDelete
  17. आगे से जब तक बहुत जरुरी ना हो कमेन्ट मोडरेशन मत रखियेगा. ये सचमुच गलत है. जुबान्बंदी गुनाह है साहब !

    विल मिस डॉ. अमर.

    ReplyDelete
  18. अवाक् हूँ इस सूचना से .......... जानते सभी थे ऐसा कुछ होगा, पर इतनी जल्दी !
    ईश्वर अमर आत्मा को शरण में ले और संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करें !

    ReplyDelete
  19. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे. विनम्र श्रृद्धांजलि!!

    ReplyDelete
  20. ओह! सचमुच दुखद!!

    ReplyDelete
  21. डॉ. अमर कुमार का जाना असामयिक और कष्टकारी है.वे अपने टीपने के अनूठे ढंग के लिए हमेशा याद किये जायेंगे.हाँ,बड़ी संख्या उन लोगों की है जो जीते जी उन्हें पहचान नहीं पाए.
    वे एक जिंदादिल और इंसानी-ब्लॉगर थे,जो इस रोबोट-जैसी 'वर्चुअल -दुनिया' में अलग तरह से हलचल मचाये रहते थे !
    उनकी याद को सादर नमन !

    ReplyDelete
  22. कुश, यही जीवन है.... बस कुछ पल का साथ!सम्भालो स्वयं को.
    घुघूतीबासूती

    ReplyDelete
  23. kya? Dr amar nahi rahe? kya kahen bahut dukh hua jaan kar

    ReplyDelete
  24. पञ्च दिवसीय दीपोत्सव पर आप को हार्दिक शुभकामनाएं ! ईश्वर आपको और आपके कुटुंब को संपन्न व स्वस्थ रखें !
    ***************************************************

    "आइये प्रदुषण मुक्त दिवाली मनाएं, पटाखे ना चलायें"

    ReplyDelete
  25. बहुत सुन्दर प्रस्तुति, बधाई.

    कृपया मेरे ब्लॉग प् भी पधारने का कष्ट करें.

    ReplyDelete

वो बात कह ही दी जानी चाहिए कि जिसका कहा जाना मुकरर्र है..