Friday, July 13, 2007

"मा की लोरी..."

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आसमा की चादर पे मुन्ना राजा लेटेगा
रात भर chakri में चंदा मामा बैठेगा
तारो ने भी कैसी टोली है जमाई रे
मुन्ने राजा को लेने डोली भिज़वाई रे..

आई रे..
नीनू आई रे...

परियो वाले देश में
राजा वाले भेष में
मुन्ने को मिलेगी परी
फूल डाले केश में

मुन्ने को देख कर
परी भी शरमाई रे...


आई रे..
नीनू आई रे...

ऊँचे ऊँचे महल होंगे
खीर पुड़ी बर्फ़ी
मुन्ना राजा बटोर लेगा
सोने की अशर्फ़ी

देखो देखो एक दो
मुट्ठी से गिराई रे


आई रे..
नीनू आई रे...

बड़े बड़े जामुन
और गोल गोल जलेबिया
मुन्ने की हो जाएँगी
सभी फिर सहेलिया

मुन्ने को जलेबी देख
भूख लग आई रे..


आई रे..
नीनू आई रे...

रात भर डोलेगा
सुबह आँख खोलेगा
मुन्ना राजा जेब को
दो दो बार टटोलेगा

नया दिन उगा है
रात पीछे छूट आई रे..

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वो बात कह ही दी जानी चाहिए कि जिसका कहा जाना मुकरर्र है..