खुद को ढूँढने की कोशिश में कितने ही थानों पर अपनी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा चुका हूँ.. भूली हुई याददाश्त साथ लेकर जितना जिया जा सकता है उस से थोडा सा ज्यादा जी रहा हूँ.. ईश्वर की बनायीं दुनिया से अभी तक विश्वास उठा नहीं है.. इसलिए अभी तक यही पड़ा हूँ.. बर्दाश्त की हद से थोडा ज्यादा बर्दाश्त कर लेता हूँ.. गुलज़ार को समझने की कोशिश जारी है.. अनुराग जैसा सिनेमा बना लु तो कुछ सुकून मिले.. दोस्तों की फेहरिस्त लम्बी है.. पसंदीदा फिल्मो की फेहरिस्त लम्बी है, क्या कहूँ साला यहाँ ख्वाहिशो की फेहरिस्त लम्बी है.. यहाँ वहां जब कही कुछ बात नहीं बनी तो ब्लॉग बना लिया..देखते है इस से अब कब तक बनती है..
जोश में होश ना खोएं
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हम तो ऐसे हैं भैया, जी हाँ उम्र ही कुछ ऐसी है जब उम्मीदों के दिन हैं सपनों
के दिन हाँ और हौसला ऐसा कि कुछ पाना है कुछ कर दिखाना है जवानी इसी का नाम
है औ...
Orange flower
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Fresh flower arrangement in vase for decoration is always my passion. This
flower is available in many colors like yellow and white but orange is my
favour...
इन बेहूदगियों से बच निकलना कितना अच्छा है
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नाडिया अंजुमन की एक और कविता
उड़ान
दर्द और गरीबी से थक गए हैं हमारे दिल
बिल आखीर धुल और अँधेरे में खो गईं हम
हम जा रही हैं अब और दोबारा लौट कर नहीं आयेंगी...
‘काम’ में ‘कमी’ की तलाश
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[image: empty-pockets]
हि न्दी के बहुप्रचलित शब्दों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा नज़र आता है ‘अल्प’,
‘न्यून’, ‘थोड़ा’, ‘छोटा’, ‘कुछ’ के सन्दर्भ में इस्तेमाल ह...
Floral Trend With Zara
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Since my almost non existent winter has officially ended .I’am already
drawing inspiration for my summer looks. I was instantly drawn towards the
Zara S/...
बुद्ध ने ऐसा भी क्या कह दिया ?
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बुद्ध ने संसार को जीवन के 4 आर्य सत्य दिये । उनकी देशना सर्वकालिक है । वे 2500 वर्ष पूर्व हुये ।
बुद्ध ने 4 आर्य सत्यों की घोषणा की -
1 दुख है । मनुष्य दुखी ...
फदील सुल्तानी : बुत
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*फदील सुल्तानी का जन्म १९४८ में ईराक में हुआ था मगर १९७७ से वे लंदन में रह
रहे हैं. उनकी कविताएँ तमाम साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं.
अरबी मे...
Party piece
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Sayesha Smitten Showbiz Kitten (SSSK) has managed to gatecrash the wedding
reception of Riteish Deshmukh and Genelia D'Souza. She approaches the
couple to ...
गवाक्षों से झांकते पल..
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फरवरी के महीने में ठंडी हवाएं, अपने साथ यादों के झोकें भी इतनी तीव्रता से
लेकर आती हैं कि शरीर में घुसकर हड्डियों को चीरती सी लगती हैं.फिर वही यादों
के झों...
अंधेरों में, नाविल..
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*चेहरे को* देखना कष्टकारी है, चेहरे से नज़र फेरकर लेखक स्त्री के पैर
जांचने लगता है, मगर पैरों पर भी वही चेहरे की ही तस्वीर बुनी दीखती है.
त्वचा खिंच...
The Most Remarkable Indian Moustache Ever
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Most of you will know that I’m quite an Indian mooch aficionado. Therefore,
you can imagine my delight when I saw the mooch on this Rajasthani man at
the K...
तुम बहुत खूबसूरत हो लड़की!
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उदासियाँ बहुत गहरी हो जायें
तो अपने अन्दर लौटो
वो तुम ही हो
जिसके अन्दर है
रौशनी का अजस्र श्रोत
वहीं से निकलती है
मुस्कुराहटों की बारामासी नदी
तुम्हारे...
It's not Possible to Forget u....
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Some times emotions become the words itself....Last night it happened to me
It’s not possible to forget u,
Till the last breathe of my life
...
Bangalore Chronicle
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Reblogged from Ghumakkar Chronicles: Its been 6 months since we moved to
Bangalore. Visits from in-laws and parents resulted in a lot of
sight-seeing in an...
रूहे सुखन के लिए !
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ना जाने कौन सा पन्ना खुला था उस वक़्त. शायद वर्जिनिया वुल्फ के कमरे में थी
मैं या दोस्तोवस्की के गलियारों में...ठीक से कुछ याद नहीं बस इतना याद है कि
ते...
अन्छुए किनारों को देखने का सुयोग
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यमुना के अन्छुए किनारों को देखने का सुयोग पिछले दिनों यादवेन्द्र जी की
यात्रा के दौरान बना...यादवेन्द्रजी पहाडी गांवों के मानव-जनित कारणों से
उजडते जाने की...
Flowers or vegetables ?
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There is a flower show cum sale going on in town and wifey was very keen
that we should visit and buy some flowering plants for our terrace garden.
Me: *“B...
The NO-Blackhead Syndrome
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There is this feeling inside me, which sprouts up whenever I feel that
something is not right. This feeling is usually followed by a deep
restlessness and ...
Your Story
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Here you are, quietly sitting minding your own business. May be you have a
cup of coffee in your hand, or a song in your head. But you are sitting
around w...
Tom’s treats: a new Mumtaz dvd
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Fans of Mumtaz now have another compelling reason to live! I am so pleased
to announce the arrival of a new Tom Daniel dvd compilation (be sure to
read the...
चश्मे नम
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परेशाँ हैं, चश्मे नम मेरे,
कि इन्हें, लमहा, लमहा,
रुला रहा है कोई.....
चाहूँ थमना चलते, चलते,
क़दम बढ्तेही जा रहें हैं,
सदाएँ दे रहा है कोई.....
अ...
किसी नयी दुनिया में इस बार ले चल :)
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बहुत दिनों बाद कुछ बहुत अच्छा लिखा है , उम्मीद है आप को पसंद आएगा , शब्दों
को अपनी माँ से जोड़ कर देखना हर शब्द सांस लेता महसूस होगा :)
वक्त के पार ले चल ...
चीड़ के कोन पर लिक्खा तुम्हारा नाम
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*दैनिक भास्कर समूह की प्रस्तुति लोकप्रिय मासिक पत्रिका ' अहा जिन्दगी' के
फरवरी २०१२ अंक में मेरे द्वारा अनूदित सीरियाई कवि निज़ार क़ब्बानी (१९२३ -
१९९८ )...
सबसे घटिया जुआरी
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*एक बेवजह की बात है अगली दो बातें महाबार गाँव के धोरों की स्मृतियों से बुनी
है. *
उन्होंने ज़ब्त कर लिया मेरा पासा
और मुझे यह कहते हुए कर दिया बहिष्क...
क्योंकि हर एक दोस्त – - – होता है
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दो-तीन दिन पहले फेसबुक पर एक मजेदार चीज़ देखी. उसमें लिखा था कि कुछ रिश्ते
‘टॉम एंड जेरी’ जैसे होते हैं. एक-दूसरे को चिढ़ाते हैं, तंग करते हैं, खिंचाई
करते...
माचिस की डिबिया
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*तीली*
माचिस की हरेक तीली की नोक पर पिछले दस हज़ार सालों का इतिहास दर्ज़ है. उस
नोक की एक रगड़ से उत्पन्न आग इंसान की पैदा की गयी पहली आग की स्मृति है.और...
स्त्री के पक्ष में आए स्त्री
-
महिला सशक्तिकरण की जब भी बात होती है हमेशा महसूस किया है कि मोर्चे निकालने
से बात नहीं बनेगी। अगर कुछ बदल सकता है तो हमारी मानसिकता ...
बैंगलोर और कुछ अच्छे लोगों का साथ
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*इस पोस्ट से मैं एक बैंगलोर सीरीज की शुरुआत कर रहा हूँ, इस शहर की कुछ ना
भूलने वाली अपनी यादों को मैं यहाँ कभी कभी संजोता जाऊँगा, ताकि आप मेरा ये
शहर मेरी...
जय हिन्दुस्तानी नेता...
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नमस्कार मित्रों,
मेरे घर के पास एक नेताजी हैं, जो कांग्रेस के प्रचंड समर्थक हैं, और इस कदर
समर्थक हैं की उन्होनें अपने आचार विचार, व्यक्तिगत जीवन में कांग...
Life Is So Unpredictable...
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Life is so unpredictable! So what is new about it you may ask? The new
thing is, I can blog about it ;).
My son Rayyan came home for a week... I ha...
From My Desk: जागते ख्यालों की रातें
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From My Desk: जागते ख्यालों की रातें: रात का वक़्त सोने के लिए होता है और
आमतौर पर लोग रात को सोते ही हैं. पर कभी- कभी ऐसा होता है की नींद आती नहीं
है या श...
बाणभट्ट कि आत्मकथा - महामाया
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महामाया - "पुरुष वस्तु-विछिन भाव रूप सत्य में आनंद प्राप्त करता है, स्त्री
वस्तु-परिगृहीत रूप में रस पाती है. पुरुष निःसंग है , स्त्री आसक्त, पुरुष
निर्द...
उसकी काया में
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रात भर काटता रहा शब्दों को लिख लिख खुदको जोड़ता रहा उस एक से जो है मेरी आँखों की सीमाओं के पार जानता हूँ चुक जाते है शब्द जब भी उसको सोचता हूँ मगर फिर भी अपन...
friends forever
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"A freind in need is a friend indeed" I've been using this phrase right
from the begining of my school days. friends are this friends are that and
many mo...
अपन तो बोर हो रहे हैं
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कल अपन काफ़ी देर बैठे-बैठे बोर हो गये! सीधे नहीं पूरा तरीके से हुये भाई!
प्रोसीजर फ़ालो किया! पहले काफ़ी देर तक कुछ किये बिना बैठे रहे! फ़िर सोचते रहे!
घर-परिव...
चुनावी ड्यूटी
-
चुनाव की घोषणा हुई नहीं कि सरकारी कर्मचारियों का दिल चुनावी ड्यूटी की आशंका
से दहल उठता है। ज्यों-ज्यों चुनाव की तिथि नजदीक आती जाती है वे ड्यूटी लगने
या...
एक गीत : परदेशी बेटे के नाम......
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जो झूठे सपनों का सच था टूट गये वो सपने सारे
ऐसे सपन कहाँ जुड़ते हैं विधिना ही जब ठोकर मारे
कल लगता था आस-पास हो, आज लगा कि दूर हो गए
’डालर’ के पीछे क्यों बेट...
हे दशानन !
-
है वो मनुष्य
गुण-अवगुण से भरा
नहीं जुड़ता मन
राम से मेरा
बहन के अपमान से
पीड़ित होता है
भाई के धोखे से
दुखभर रोता है
सुख दुःख सब
सच्चे है उसके
प्रतिश...
पीठ का तिल और आलता लगी फ़टी ऐंड़ियां
-
आज अखबार में पढ़ा – शहर मुस्कराया। अब शहर कैसे मुस्कराता है यह हम आप अपने
हिसाब से तय करें। लिखने वाले का मतलब शायद धूप से होगा। धूप खिली मतलब शहर
मुस्कराया...
कठघरे में सरदार पटेल
-
*
*
*(महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल रहे मदनलाल पाहवा ने इस बारे में
बंबई में प्रो. डॉ. जगदीशचंद्र जैन को महत्वपूर्ण जानकारियां दी थीं। गांधी की...
Nothing concrete…
-
ज़िदगी का खेल.. उसका एक चक्र है... उसके विरुद्ध जीना भी उसी के खेल का
हिस्सा होकर जीना है। विरुद्ध क्या है? मैं किस चीज़ के विरुद्ध तैर रहा था?
जब मैं खुद...
"life with no reason.."
-
*
All the words I have said or written..
Feelings, fear and emotion interwoven..
Without you, had no meaning..
As if life with no reason..
Now the every bi...
कैंसर जागरूकता कैम्प 5 फरवरी को
-
कैंसर एक जानलेवा बीमारी है , लेकिन थोडी़ सी जागरूकता से इस बीमारी से बचा जा
सकता है । यह कहना है अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रमुख प्रोफेसर जी
के ...
मरीचिका
-
बसंती ब्यार सा
खिले पुष्प सा
उस अनदेखे साए ने
भरा दिल को
प्रीत की गहराई से,
खाली सा मेरा मन
गुम हुआ हर पल उस में
और झूठे भ्रम को
सच समझता रहा ,
मृगतृष...
लेकिन आग जलनी चाहिए
-
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
म...
Letter from Baby to Mum-n-Dad
-
Got this as an email forward and just loved it! I so wish I could know who
actually wrote it first. I think all new parents would be able to relate to
it a...
Do it for the fatherland.
-
Here I am, rubbing sleep off my eyes now and then to write about how my
husband’s name rhymes with something that rhymes with pik, or about how
India is no...
कुछ असर रसोई के मुताल्लिक
-
प्याज
जाने क्या है
तुम और नमीं
कदम-ताल मिला कर ही आते हो
और आज तो दस्तक भी शामिल हो गयी थी
अधकटे प्याज के साथ खोल दिया दरवाज़ा
एक बार फिर मैंने छिपा...
गजल.
-
*साँसों में गुम गयी या नजारों में खो गयी
नज़्म कोई मेरी इन सितारों में खो गयी
दिल के अदब को लहरें देतीं है सलामियाँ
प्यास जो दरिया थी ,किनारों में खो गय...
सुनो, सपनों के राजकुमार...
-
*सुनो, सपनों के राजकुमार*
*तुम्हारे सिवा किसी से ना चाहा प्यार*
*चुप सह लिया इसीलिये मन पर हर वार*
*और मांगा तुम्हें, चाहा तुम्हें*
*पहले से ज़्यादा हर बार...
Menu Plan Monday: January 30, 2012
-
Monday: We need a quick and easy dinner, because we have an appointment
with an open-ended finish time. Subs from the deli at Publix it is!
Tuesday: Mi...
One more about trains. Please excuse.
-
I do love Bombay. As much as I try to convince myself that I don’t.
It was so cold today. Way too cold for Bombay standards. Bombay is not
behaving hersel...
बेशर्मी की हदे.......
-
वह इस लिये
तड़प रहा था
प्यास के कारण
क्योकि उसके भीतर
वादाखिलाफी देख कर
आग लगी हुई थी
और आज वह
पाँच साल बाद
फिर लौट आया है
उससे अपना समर्थन माँगने।
बेशर्म...
आयोवा-02
-
इस सर्दी में हिन्दुस्तान छोड़े हुये १५ साल पूरे हो जायेंगे. एम्स, आयोवा में बिताये हुये कुछ पहले महीनों की यादें अचानक फिर से जहन में उठ रही हैं. ये प...
वसंत का स्वप्न
-
*
*
*
*
*
*
कोयल कुहुक मधुर कानों में
पवन छेड़े आँचल लहराए
कहीं लबों पर दहके पलाश
कही मन आलापिनी ना हो जाए !
सूरज महुए -सा महका है
धरा पीले आँचल श...
लो लिख दिया..
-
१
सफेद दुपट्टे पर...
जरा-जरा सा..
फालसा किनारा..
...एक लम्बी कविता को ..
...लिखने के बाद ..
काटे हुए ..
..गैरजरूरी..
शब्दों जैसी..
...पलकों में बंद..
.....
चाहत के दरख्त
-
चाहत के दरख्तों पर
कुछ ख्वाब उगे हैं
कुछ कच्चे हैं, खट्टे हैं
कुछ बढ़ के झुके हैं
कुछ टूट कर गिरे हैं
उगने के साथ ही
कुछ हैं अभी डाली पर
बढ़ने को रुके है...
कार्टूनिस्ट-कलाकार अभिनेता-अभय... खा गया समय...
-
अभी-अभी उस अभय वाजपेयी को आखिरी सलाम कहकर आया हूं, जो हरदिलअजीज था।
राजस्थान पत्रिका के पॉकेट कार्टून ‘झरोखा’ के विख्यात त्रिशंकु, जिसे
लाखों पाठकों की...
वाह रे भारतीय लोकतंत्र !
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सर दर्द, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम और ऐसे सारे दर्द के लिए क्रोसीन या ऐसी
दूसरी टैबलेट (गोली) पर रोक लगाने की बातें हो रही हैं। देखिए कब तक 'वोट
दर्द' के लिए...
हम जनसत्ता में आपका लिखा अब भी पढ़ते हैं सर
-
दिसंबर की कड़कड़ाती ठंड। रोज की तरह ही गहरे डिप्रेशन से उबरने के लिए किसी
और नए तरीके की खोज। क्या किया जाए? आज फिर बाजार चलते हैं और अबकी बार साबुत
हल्दी ...
रजत जयंती समारोह
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मेरे विद्यालय में रजत जयंती समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत नृत्य . इस
नृत्य को मैंने तैयार करवाया था . आपको कैसा लगा देख कर अवश्य बताइयेगा....
फ़िलहाल जम रहा है मेरा समय
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पेंटिंग यहाँ से
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*जमशेदपुर में रहने वाले युवा कवि प्रशांत श्रीवास्तव की कविताएँ आप पहले भी
असुविधा पर पढ़ चुके हैं. प्रशांत उन कवियों में से हैं जिनकी क...
Republic Day Parade - My heart beats for you INDIA
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Did not have the phone to record what all I saw today, but this video comes
close to the experience it was! Everybody must watch the republic day
parade...
कबूतरगिरी
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*
*
मकान में तीन बालकनियाँ- एकपूरब में और दो पश्चिम में, यानी तीन-तीन सूबों की
खुली सीमाएँ, यानीतीन तरफ से घुसपैठ को दावत! दिक्कत की बात यह है कि पूर्वी सी...
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*ऐसी २६ जनवरी...ऐसा गणतंत्र दिवस ..*
*...बहुत अच्छा लग रहा है....कम से कम आज के दिन तो देशभक्ति की याद ताजा कर
रहे है नेता लोग !...*
*...आम आदमी की तो बात ...
Another Wasted Holiday
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Hungover eyes, by sunlight pried apart, Completed sleep; yeah, a good
start. Brushing the teeth, lemme see the match, Sachin hits a few, then
gives up a ca...
ऐसा भी नहीं...
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ऐसा भी नहीं की हमनें अब तक कुछ किया नहीं,
पर बात ये भी है, जीना चाहिए जैसे, जिया नहीं।
कभी दर्द कभी तनहाई कभी जश्न के बहाने पीया,
पर ढूंढते रहे जिसको वो सुक...
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!
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पुस्तकायन.....ब्लाग की ओर से ब्लाग जगत के सभी साथियों को
गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाइयाँ !!
जय हिंद...वंदे मातरम्।
मीडिया: कल, आज और कल
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मीडिया की आज़ादी की बात अभिव्यक्ति की आज़ादी के समानांतर है. जितनी ज़रूरी
अभिव्यक्ति की आज़ादी है उतनी ही ज़रूरी मीडिया की आज़ादी भी है. और मुझे यह
कहने मे...
हम धर्मनिरपेक्ष नहीं…
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तो आखिरकार ना सलमान रुश्दी हिन्दुस्तान आ सके और ना ही उन्हें वीडिओ
कॉन्फ़रेन्स के दौरान देखा-सुना जा सका. जीत मिली तलवार हाथ में लिये और जायमाज़
कंधे पर टांग...
परदा
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मैं मौत के बाद भी जीऊँगा, और मैं तुम्हारे कानों में गाऊँगा,
मैं तुम्हारे आसन पर बैठूँगा हालाँकि बिना शरीर के
और मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे खेतों में जाऊँग...
पहचान
-
*
*
जिनके लिखने को रोशनाई भी कम पड़ जाती थी,
अब हमारी वो कलमें छुपाई जाती हैं,
वो साडियां जिनमें लगती थी कल्फें,
अब सलवटों से सजी नज़र आतीं हैं...
घर के जि...
विदाई का गीत
-
*
ए जाते हुए लम्हों जरा ठहरो...जरा ठहरो*
*सिगरेट के धुएं के छल्ले, कुछ खुशबूएं, कुछ मादक गंध, कुछ प्यारे से- चिकने-
चुपड़े चेहरे याद रह जाएंगे, कुछ सित...
DAY 173 (Life = Maze)
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Life has made me lost my way "n" number of times. And every-time I could
find a way out to the maze. No matter how much time it took me to solve the
puzzle...
सेलिब्रेशन ऑफ़ डर्टीनेस ..
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धूम मची है, नायिका ने किरदार को जीवंत कर दिया है. इसे कहते हैं कला, और कला
के प्रति समर्पण..यत्र तत्र सर्वत्र सेलेब्रेशन हो रहे हैं.मंच शुशोभित
गुंजायमान ह...
"रतीराम का पान" ज़रा लाइक कर दीजियेगा.
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बहुत दिनों बाद कल रतिराम जी की दूकान पर जाना हुआ. बहुत दिनों बाद इसलिए
क्योंकि करीब ढाई साल हो गए, हमने पान खाना छोड़ दिया है. जाने का प्रयोजन यह
कि पान के...
पराशर झील
-
इस यात्रा वृत्तान्त को शुरू से पढने के लिये यहां क्लिक करें।
7 दिसम्बर 2011 की सुबह हम तीनों फुरसत से सोकर उठे। दस बज गये, सूरज सिर पर
चढ गया, तब जाकर हम र...
पांड़े जी की प्रेमकथा और गांधी जी से सहानुभूति
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कुछ लोग कहते हैं कि घर चलाना देश चलाने से भी ज़्यादा मुश्किल है। देश में
आजकल कुछ भी अच्छा चल नहीं रहा। मां घर बहुत अच्छा चला लेती है। अगर मेरी मां
के पास...
सोशल मीडिया पर ‘अनायकों’ की महागाथाएं
-
काफ्का की कहानी ‘मेटामार्फोसिस’ का बेहद मामूली जिंदगी जीने वाला नायक एक
सुबह जागता है और खुद को तिलचट्टे में बदला हुआ पाता है। मगर 2011 की एक सुबह
इलाहाबा...
The food high
-
The past year seems like to go in a flash and sometime, I think its ok… the
tough times should just blink while the good times should ideally go really
rea...
तंज़निगारी-1
-
*डाकिए की ओर से:* इब्ने इंशा की '*उर्दू **की आखि़री किताब'* हाथ आई है। इसका
पाठ किसी टीचर का स्टूडेंट को दिया लेसन सा है। तंजनिगारी के फितरतन जुमले
छोटे औ...
Pose with Poise and walk to fly.
-
“He who would learn to fly one day must first learn to walk and run and
climb and dance; one cannot fly into flying. ”
-Friedrich Nietzsche.
(Petrol in my...
’लाल पेंसिल....’
-
अरण्य...
लाल पेन्सिल
मानव कौल
Scene-1
सब बच्चे embryo की मुद्रा मे लेटे है. एक बीट को फॉलो करते हुए सब धीरे धीरे
उठते है. पास में पडे पेन और ...
ऐसी एक कविता
-
जिसे टेडी बियर की तरह उछाल-उछाल
खेल सके एक बच्चा
जिसे बच्चे की किलकारी समझ
हुलस उठे एक मां
जो प्रतीक्षालय की किसी पुरानी काठ-बेंच की तरह
इतनी खुरदरी हो, इ...
All India Bakchod
-
*Hey everyone,*
*
*
*I didn't do a traditional look back at 2011 or a let's welcome the new
year with a bang sort of post because I wanted to kick off wi...
Exception
-
When I was a little boy,
I dreamed of someone like you,
as I grew older I think I tried,
too hard to make you come true,
As the years vapidly toil on,
th...
Waking Up the Inner Child
-
When I was a child
I listened to my mother
She taught me how to walk and talk
Above all, how to create a good thought.
I believed in nature
Made it my best...
गुमनाम खत - पेज 02
-
अब तक इस ख़त की लाइनों में जीवित सांसो को महसूस करने की भूख मेरे शरीर को
हिलाने लगी थी। जैसे आर्लम लगाये समय सांसो के साथ डांस कर रहा हो। मन हुआ इसे
यहीं ब...
New year, new problems!
-
I did not foresee this - my blog totally disappearing off the online radar.
Tried all sorts of things and finally figured out that I had lost the theme
of ...
"थंब्स अप" बनी औकात...
-
बस अभि ’बम्बई’ आया हि था...
एक दो साल हुए होंगे ।
छोटा मोटा कोई काम मिल जाता, बस चल पड़ते और घर से निकल शूटिग तक पहुँचते कुछ
ऐसी अटकले लगतीं और उस छोटे से क...
काठमांडू की वादियों में
-
हर दिन एक ही ढर्रे के बीच झूलती जिंदगी से जब मन ऊबने लगता है तो महापंडित
राहुल सांकृत्यायन के यात्रा वृतांत 'अथातो घुम्मकड़ जिज्ञासा' पाठ में पढ़ी
पंक्तिय...
इस तरह मत टूटना
-
मुरझाना तो इस तरह जैसे
मुरझाते हैं अनार के फूल
एक नए फल को जन्म देते हुए
जो भरा हो असंख्य सुर्ख लाल रसीले दानों से
झरो तो इस तरह जैसे
झरते हैं हारसिंगा...
स्टोव
-
तीन टांगों पर खड़ा, अदना सा बेढब जिस्म वाला
मेरे घर में विकलाग बैंक के क्लर्क जैसा लगता है
जो अनुकम्पा की आधार पर नियुक्त हुआ है.
स्टोव.
जिसके ऊपर की पी...
Khoya has arrived!!
-
The first book of Khoya, the labour of my ove,
has arrived in App stores.
Download NOW
Khoya is an interactive narrative for children that uses new techn...
जो गुरु बसै बनारसी, सीष समुन्दर तीर
-
रवीन्द्रनाथ टैगोर के अनुसार, प्रारम्भ में ही ज्ञान शिक्षा का आश्रम
स्थापित करने के लिए गुरु की आवश्यकता पड़ती है। शिक्षक तो आवेदन करते ही लाइन
लगा देते है...
Why Must Prime Ministers Dance?
-
The US First Lady has lately been electrocuting electrifying audiences all
around the globe with her assuredly random dance moves. It is widely
believed th...
बस एक दिन
-
कुछ दिन पहले अलमारी की सफाई करते हुए अपनी पुरानी डायरियां पढ़ी
बहुत पुरानी, जब मैं ११ साल की थी
मैंने एक डायरी बनाई थी जिसमे मैं अपने मन की सारी बातें लिखती...
अनूदित साहित्य
-
पंजाबी कविता
अमिया कुंवर की कविताएँ
ठंडक
तेरे मिलन के क्षण
जैसे मरुस्थल में से गुजरते हुए
दो घूंट जल मिलने पर
भीतर तक ठंडक पहुँच जाए।
ठौर
उम्रें ब...
लोहड़ी की शुभकामनाऍं
-
नये साल में कोहरे और सर्द हवाओं के बीच चुपके से लोहड़ी दस्तक दे रहा है।
पड़ासी रात को अलाव जलाऍंगे, तो उसकी धमक हम तक भी आएगी।
गाजर के हलवे की खूश्बू से घ...
Up the Rope
-
There's the rope, It's quite rough you see. For those who've never done it.
They'll have to grit their teeth. There's not much help, Or support either,
To ...
The Epic and I
-
(Oh what a long post! you say. Happy New Year*, *say I)* *
I firmly believe in the importance of timing. Travel teaches you that I
guess. The train you t...
Ctrl +Alt + Love
-
वो डे स्कोलर थी घर से कोलेज .......कोलेज से घर ....उस उम्र की ज्यादातर
लडकियों की तरह .जो अपनी माँ को दिन भर की सारी बात बताती.है ...उन
सहेलियो क...
प्रथम निरामिष शाकाहार पहेली "निरामिष" ब्लॉग पर
-
*शाकाहार के सभी पक्षों को वैज्ञानिक, स्वास्थ सम्बन्धी, धार्मिक, मानवीय
विश्लेषण करके तथ्यों के प्रकाश में सामने रखने वाले निरामिष ब्लॉग की
वर्षगांठ पर...
मुझे कुछ कहना है
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किसी खबर के सिलसिले में फोनिंग चल रहा था ।इस दौरान एक अपरिचित नम्बर से
लगातार फोन आ रहा था, जैसे ही फोनिंग खत्म हुआ उस नम्बर पर फोन किया।फोन के
रिसिव होते ...
बिना शीर्षक
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मेरी एक तमन्ना थी की भाजपा ख़त्म हो जाए लेकिन इस तरह यह तो कभी सोचा ना था .
भाजपा का पतन तो उसी समय शुरू हो चुका था जब बंगारू लक्ष्मण को वोटो की खातिर
अध्य...
हर बदलाव ज़रूरी होता है
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जब आप किसी जगह बहुत दिनों तक रहते हैं तो आपको उस जगह की आदत सी पड़ जाती है
और जब वहां से दूर रहना पड़ता है या उस जगह को छोड़ना पड़ता है तो ऐसा लगता है
ज...
2011: साहित्य के आईने में
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*( बीते वर्ष 2011 की महत्वपूर्ण साहित्यिक गतिविधियों पर यह टीप ख्यात आलोचक
डॉ. कृष्णमोहन की है. )*
हिंदी साहित्य में वर्ष 2011 की एक ऐतिहासिक घटना शम्सुर...
NEW YEAR RESOLUTIONS
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I don’t either wish to cry or laugh over what happened in 2011. It might
not have been a great year but that’s not something unusual for me. 2010
was even ...
Year 2012! AN ORGASMIC WISHLIST...
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*caution: some seriously dil se, some seriously na-jaane-kidhar-se. *
*what to do man!!! dil toh baccha hai ji*
In 2012,
May you be as cute n smart as bac...
मोक्ष
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इन बीस सालों में वह अपनी बेटी से नहीं मिला था | वह नहीं चाहता था कि उसकी
बेटी को पता चले कि उसका पिता कौन है | अपनी सारी हैवानियत को आज ताक पर रखकर
वह ...
बॉलीवुड 2012
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हैप्पी न्यू ईयर! नए साल के पहले दिन यह बात सिर्फ हम ही नहीं बल्कि पूरी
फिल्म इंडस्ट्री आपसे कह रही है। इरादा है बड़ी-बड़ी फिल्में लाने का और वादा
है आपको भ...
कैलेंडर बदलने से पहले
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आज, वक्त के इस व्यस्ततम जंक्शन पर
जबकि सबसे सर्द हो चले हैं
गुजरते कैलेंडर के आखिरी बचे डिब्बे
जहाँ पर सबसे तंग हो गयी हैं
धुंध भरे दिनों की गलियाँ
सबसे भ...
Fir Wahi Raat Hai
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Its one of those nights. Nights when even after everyone is asleep and your
tired body is demanding sleep it badly needs, your mind refuses to. Or is
it yo...
साक्षात्कार (Interview)
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इस ब्लॉग में प्रकाशित करने हेतु,
कुछ रोचक, मनोरंजक बात की तलाश में,
अपनी अद्भुत शक्ति का प्रयोग कर,
मैं मिलने गयी आकाश में विचरती आत्माओं से.
सोचा कि महान...
हमने माना कि तगाफुल न करोगे लेकिन...
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कई तो ऐसे ही चले गए थे, बिना इस दिन का इंतज़ार किये. वो भाग्यशाली रहे थे कि
उनको अपमान के ये कड़वे घूंट जो नहीं पीने पड़े. वे जो अब तक जा चुके थे, वे सब,
एक ए...
हिसाब अब भी बाकी है.....
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मेरे आँखों में सज़े ख्वाबोंका
हिसाब अब भी बाकी है।
मेरे खवाबों में बीते लम्होंका
हिसाब अब भी बाकी है।
मेरे लम्हों में बसे उसअक्स का
हिसाब अब भी बाकी है।
उस ...
Papa
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The word I cannot say. The word I lost long ago.
It is you. Your name.
I see you everywhere. Every face I look at, has something which reminds me
of you. ...
अधूरा सा कुछ
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मफलर का एक शिरा फंस गया हो जैसे
ठीक वैसे
यादें उघडतीं जाती है
यादें तब कि
जब भूला जाया करता था Y2K समस्या
और याद रहते थे मीर ओ बशीर
यादें तबकि
जब तुम्हार...
हुसैन के घोड़े
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मैं समझना चाहता हूँ
तुम्हारे होने का मतलब
मैं उलझना चाहता हूँ
हर उस चीज से जो तुम तक जाती है
मैं पकड़ना चाहता हूँ
तुम्हारे सोचने के तरीके को
कि विवाद घूम-घूम...
तुम और मैं
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सिरफिरे बादल से तुम
आवारा…..आज़ाद…शिखर के नज़दीक……
आकाश के आँगन में उमड़ते-घुमड़ते
रंगों की नयी-नयी छठा बिखेरते ……….
धूप की तपिश में हर रोज़ नि...
हैप्पी बर्थडे पापाजी
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कुछ साल पहले आपको एक खत लिखा था, आपको याद है पापा? ई-मेल किया था आपको? आपने
कहा था की इसका जवाब आप मुझे डाक से भेजेंगे.. लगभग तीन साल होने आ रहे हैं,
अभी ...
Life Lessons for my Kid
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Dear Kid,
While its your life, and you have to learn your own lessons, thought I
could make it easier for you by sharing some lessons I have learned.
*LI...
Ladkapan.
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Samjhte jo dard ke mayne
To ishq na karte yun..........!
Ek junoon sa chaya karta tha..
aur apne hosh ganwaa beithe..!
kya karte ,
samjh ke ghere se jo ba...
Na jane kaha...
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It just baffles me..these days the paths are so many but destiny no
where....I keep on getting confused, getting frustrated, but solution no
where.....
I...
Redefinition
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I realised this blog needs an update. When I made it, I was a completely
different person. A more focused, passionate, driven and naive person. Two
year on...
''''''kaisa sa hai vo????'''''''''
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Janta hai dil,,kasoorvaar hai vo....
phir bhi,, kyu??
khuda se khushi ki darkaar kare hai vo....
Jaanta hai ,,gehraai mein bahut udaasi hai chai,,
phir itn...
कल भी मंत्री, कल भी मंत्री...
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कल मुख्यमंत्री और कल वनमंत्री...
अरे नहीं नहीं, ये किसी राजनीतिक दंगल की बात नहीं हो रही और न ही मैं किसी
उलटफेर की खबर आप तक पहुंचा रही हूँ... ये तो बस हम ...
झुर्रियां
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रात के चेहरे पे कुछ झुर्रियां उभर आई हैं,
जाने खुद उकरी हैं या अँधेरे ने चाँद का नकाब छीन लिया है.
ज़री की चादर से सितारे भी छिटक गए हैं,
जाने वो खुद ...
'लेडिस' से त्रस्त जेंट्स
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हमारे देश में एक तरफ तो महिलाओं की बराबर की हिस्सेदारी की बात होती है, तो वहीँ दूसरी ओर महिलायें खुद महिला होने का फायदा उठाती हैं. जी नहीं, ये कोई नारीवाद क...
पानी- नज़्म
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नदी किनारे काट काट कर
राह बदल लेती है अपनी
सागर की लहरें साहिल को
थोड़ा थोड़ा खा जाती हैं,
कभी कभी
बदन में तेज़ी से चुभती हैं
बारिश में पानी की बूँदें
माने...
शंकराचार्य का रचनाकर्म : एक समीक्षा
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(यह लेख गर्भनाल पत्रिका के दिसंबर अंक में ‘शंकराचार्य का रचनाकर्म :
विज्ञानवादी दृष्टि से एक समीक्षा’ शीर्षक से प्रकाशित हुआ है। यहां उस आलेख
का मूल प्रारू...
इश्क और बेबसी का बयान : रॉकस्टार
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'रॉकस्टार'देखते हुए अनजाने में ही हंगेरियन पोएट 'लजेलो झावोर' की याद आती
रहती है | झावोर के 'ग्लूमी सन्डे' ने दिल टूटने के बाद जो तान छेड़ी,उसके
प्रभाव मे...
मगरमच्छ से मुकाबला..
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दिल्ली के चिड़ियाघर से मैं और मम्मा एक मगरमच्छ खरीद लाये.. बड़ा सा.. मुझसे
भी बड़ा.. और अब प्रेक्टिस हो रही है उसे काबू में रखने कि...
पहले मुंह चेक क...
The Economic Divide
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A new milestone reached? This sentence gave me a glimpse into how Raunak's
brain is trying to decipher the real world. Still surprised why and how he
picke...
மனதில் உறுதி வேண்டும்
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There are days when a song defines my thoughts to perfection. And then,
there are days when a song changes the course of my day and the course of
my thoug...
Glimpse to Jumbish n Sign Cafe
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This Saturday, PJI was witness to a spectacular workshop by Surabhi Jain, a
newbie at Pravah but no newbie at sharing things beautifully :) She
conducted ...
खामोश चेहरा
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रामप्रसाद सरकारी दफ्तर में लिपिक था। उसे नौकरी लगे कुछ ज्यादा वक्त हुआ नहीं
था। वो नौकरी के दाव पेंच, उतार चढ़ाव से कुछ कम ही वाकिफ़ था। मगर थोड़े ही
समय...
Musings
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*In you, I found my muse,*
*My life seems no more obtuse..*
*
*
*I has transformed to We,*
*My future with you is all I could see..*
*
*
*You give me a rea...
बस नदी हो जाना .....
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नदी का सपना...
नदी को पाना
अब जैसे कुछ भी करना...
बस नदी हो जाना .....
नीम बेहोशी खुशियां...
जागते सोते गलतफहमिया....
एक अंजुरि नदी मेरे भीतर ......
हर पल ...
Communication!
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I started writing to express myself when I first moved outof Bangalore.
Writing gave me a high that no amount of mood enhancers couldinduce.
I took up a ...
फिर वही कहानी लाया हूं, लेकिन संगीत नया है!
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*रामकुमार सिंह*
सोचा ना था और जब वी मेट देखने के बाद मेरे जैसा कोई भी साधारण दर्शक यह
अंदाजा लगा सकता है कि इम्तियाज अली के पास पर्दे पर कहानी कहने की एक ...
I, You and Fate
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I was sitting in my hostel room, studying for my last semester exams
starting next morning, when my cell phone rang. It was a female voice from
other end. ...
Saturdays, Sundays...and Work
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*Saturday Sunday ki chhutti*
*Weak me Zaruri...hoti hai....*
*Jaise har din zaruri....*
*Do waqt ki roti hoti hai....** *
*
*
*2 din ke Break me ek relief ...
Leaving Home....
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As the little bird leave home and steps out to fly far, very far..
there can be sensed little nervousness and excitement all at par!
Pampered, comforted, ...
WE ARE CLOSING
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*Hello readers,*
*
*
*It’s sad on my part to having written this, but we are closing this blog.
This means that no more new posts will be posted here. But ...
कहानी के इस भाग के प्रायोजक कौन है ?
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मैं कहानी में पूरी तरह से डूबा हुआ था.. या यू कह लीजिये कि मुझे तैरना आता
ही नहीं था.. एक छोटे से लकड़ी के तख्ते से लटका हुआ मैं आधा डूबा और आधा बचा
हुआ स...
'शुभ दीपावली '
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*दीप तुल्य बन जाएँ हम , हो ज्योति का विस्तार ,*
*हर आँगन आलोकित हो और खुशियाँ मिलें अपार.*
--अल्पना वर्मा
आजकल ब्लॉग न लिख पाने के अनेकों कारण हैं जिनमें क...
F.R.I.E.N.D.S desi style
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In this hectic life of ours, there are a few things we love devotedly.
Things that the humdrum of routine cannot take us away from. Infact, things
that w...
प्रजातंत्र की पीड़ा
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बिहार की जदयू विधायक जगमातो देवी के निधन से सीवान जिले के दरौंदा विधानसभा
क्षेत्र की सीट खाली हो गयी है। इस जगह के लिए चुनाव होना है। प्रजातंत्र की
पुका...
मन का मौसम "बहारा"
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दिमाग में अजीब सी हलचल है .....मजाल है जों एक पल के लिए शांत हो... जाने
क्या क्या सोचता रहता है हरदम ........अगड़म-बगड़म, ऊँट-पटांग, सही-गलत, एक
आंधी सी चल...
एक ख़ामोशी!
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एक अनसुनी सी ख़ामोशी
अल्फाजों में लिपट गयी
मैं गीत सा बनता गया
यूँ मुझ में वो सिमट गयी!
मैं गूंजता गया यूँ भी
दिलों के ज़र्रे ज़र्रे में
मेरी जिंदगी बिखर गयी
ल...
गंदी कविता
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सरकार गंदी हो गई, अखबार गंदे हो गए।
इस शहर में बंदे के, क्या-क्या धंधे हो गए।
बनियान गंदी हो गई, जुराब गंदे हो गए।
छुप-छुप के आ रहे जनाब, ख्वाब गंदे हो गए।...
The Wall
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*Out beyond ideas of wrongdoing and right doing,*
*There is a field. I'll meet you there*.
*(RUMI)*
*I pass by these walls, the walls of Layla*
* And I kis...
आखिर कई दिनों बाद वापसी.....
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दूर तक बींधती बलखाती नजर को राह के कई नजारे रोक नहीं पाते, तन्हा हो जाते
हैं हम और सफर भी.... इर्द-गिर्द का भान हो तो झूठे ही सही, तन्हाई का एहसास
नहीं ह...
Change
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It wasn’t merely the oldest street in the city. It was older than the city
too. It was called bazaar street then, when the city was a village on the
river ...
ताजगी अक्टूबर का मास
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ताजगी अक्टूबर का मास
दूर दूर तक नहीं कहीं पर
गरमी का आभास
ताजगी अक्टूबर का मास
धरती जैसे हुई पुष्पमय
नभ ने कहा शरद ऋतु की जय
अब न उमस का है कोई भय
यत्र तत...
ग़रीबी रेखा के ठीक ऊपर
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On the Way to Daarjiling - Raghu Rai
वे कौन लोग होते हैं
जो किसी अपरिचित की शवयात्रा में
चलते हैं हुजूम के साथ
उदासी चेहरों पर लादे
कौन होते हैं वे
आध...
lazy dusk........
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when i look above..cn c the starts shining so bright ..evn diamonds may
feel shy.....covering me in there velvety blanket..looking at me from
above.,,,,,te...
रिश्ते बड़े अजीब हैं, तेरी गली के साथ...
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*पापा आज आप बहुत याद आ रहे हो, बहुत याद आ रही है। आपके बिना जिंदगी बहुत
मुश्किल हो गई है। मेरे पापा की एक बहुत खूबसूरत ग़ज़ल आप लोगों के साथ शेयर
कर रहा हू...
happy birth day papa...
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*डियर पापा... ये मेरा आपको लिखा पहला खत है! सालों से बहुत कुछ मन में है जो
कहना चाहती थी पर कैसे कहती.. जो आप तक पहुँच पाता? आज आप होते तो चौंसठ साल
के होत...
रुकी हुई रेल
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*हिलते पर्दे से छनकर रौशनी आती है , शीशे के बोल में अरालिया की एक लतर , किताबों
की टांड में एक ग्रॉसमन , रिल्के की ना समझी कोई कविता की एक अदद पंक्ति, चाय ...
जागते सपने
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मैं सपने देखता हूं..
दिलकश, अच्छे और खूब रंग-बिरंगे
दिखता है हर शख्स जो मुझे अच्छा लगता है
और हर वो चीज जो मुझे खुशी देती है
हां..मैं सपने बहुत देखता हूं..ले...
हाय रे ! हिंदी !
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हाय रे ! हिंदी ! तेरी अजब कहानी
तू हिंद महासागर
फिर भी
हम भरते दूसरों का पानी
गुलामी की भाषा बोले जो
सिर को ऊँचा करके चलते
हिंदी भाषा के ज्ञानी...
क्या कभी सोचे गए हम
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अजनबी खुद को लगे हम
इस कदर तन्हा हुए हम
उम्र भर इस सोच में थे
क्या कभी सोचे गए हम
खूबसूरत ज़िंदगी थी
तुम से मिलकर जब बने हम
चाँद दरिया में खड़ा था
आसमाँ ...
रिसेशन– नॉट अ मनोहर कहानी
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[image: 2681452360]
*१*
कई दिनो से वह बहुत खुश थी। आँखो की चमक काफ़ी बढ गयी थी, मुस्कराहटें मीलों
जितनी चौडी हो गयीं थीं। एक हफ़्ते बाद उसके बच्चे इंडि...
Life can be killed ..but not courage...
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The morning of August 16 was surely a moment of pride for the nation,
people gathered with open arms to support Anna in every way they could.
Some travel...
दूसरी आज़ादी !
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'गज़ब यार, मैंने तो आजतक ऐसा आदमी नहीं देखा !'
'कैसा ?'
'अन्ना जैसा......क्या आदमी है यार !!........अकेले ने ही हिला दी सारी सरकार
!!!'
'ये बात तो है '
'बर...
Lokpal Bill To be Passed:Worthy of some solution??
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I havent bolg from past so many months, but this topic made write on
something which could be excruciating.Did the passing of forcefully passing
of the bil...
ब्याह
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उड़ती-उड़ती खबर मिली है
तुम्हारे गीतों और मेरी नज्मों
के बीच कुछ चल रहा है
वो बज़्म याद है
जब तुम्हारे गीत के साथ
उस शब् नज़्म ने जुगलबंदी की थी
हया झलक ...
"बात जो पचती नहीं"
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ऐसी ढेर सारी बातें होती हैं जो नहीं पचती. लेकिन थोडा सामंजस्य के बाद या फिर
यूँ कहें की थोडा दायें-बायें कर बातों को इस लायक बना लिया जाता है ताकि वे
आसा...
फिर मिलेंगे
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*मित्रों, एकाएक मेरा विलगाव आपलोगों को नागवार लग रहा है, किन्तु शायद आपको
यह पता नहीं है की मैं पिछले कई महीनो से जीवन के लिए मृत्यु से जूझ रही हूँ ।
अचानक...
SMILE
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*SMILE*
*Smile, just go a mile*
*you see when you smile*
*You give to anyone a smile*
*he will return it you*
*with millions of joys*
*Smile is jus...
High Fiction - Dreams That Won't Die In Oblivion
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I started blogging in the year 2006, things changed, many things evolved, I
wrote things that fascinated my soul, I have found paradise in my blog.
Suddenl...
Random quotes of an artist - कुछ सजल एहसास
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- My life is a full circle - I exist because I write, I write because I
feel, I feel because I exist.
- Science will diasagree, but I do not...
मेरे हैं सिर्फ पंख...: आपरेशन छिपकली
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मेरे हैं सिर्फ पंख...: आपरेशन छिपकली: "छिपकली ओ छिपकली , पता नहीं क्यों रख
दिया गया है इसका नाम छिपकली। छिप कर खिलने वाली कली होगी शायद ये। देखा तो
नहीं छि...
Rahul Gandhi vs Mayawati
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For the first time after starting a campaign against the government’s land
takeover, Congress leader Rahul Gandhi Wednesday attacked Uttar Pradesh
Chief M...
Trust..
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Trust is a feeling thats always worth achieving,
Trust the secret and the truth,
Trust the old and the youth,
Trust the dust and the rain,
But to trust human...
ट्रेन और ज़िंदगी
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बाहर के दरख़्त, इंसान, जानवर अमूमन सभी कुछ पीछे की ओर भाग रहा था। उसका शरीर
पटरी पर दौड़ती गाड़ी के साथ तेजी से मंज़िल की ओर बढ़ रहा था, लेकिन पीछे
भागते...
Murderous Murder 2
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Ludhiana: 8th July, 2011. 9: 00 pm onwards-
Mampi on whatsapp (hereafter referred to as WA) with cousins from Jaipur:
Garry. Its been a while since...
राग सोहनी
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पारिजात झरते हैं निःशब्द जिस पहर
गोपियाँ पैर की झांझर उतार दबे पाँव
लौटती हैं रास से
रात समेटती है अपनी ओढ़नी जिस
घड़ी
योगी, उतरता है कोई ध्यान में ,
शिशु क...
AN SMS CHANGED MY LIFE
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God: Hello, u called me?
I,Me,Myself : called u? No, who is this?
God: This is god, I heard Ur prayers. So, I thought I would chat with u.
IMM:Sure, I pray. ...
बेवजह ही सही
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बेवजह बाते ..........बाते ही नहीं जीवन में भी कई किस्से शायद बेवजह ही होते
है , या शायद हमे उसके होने की कोई वजह समझ नहीं आती . जब तक सब अच्छा होता है
तब त...
हमें इंतज़ार कितना ये हम नही जानते
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खाना जल्दी से बना के रख देना है। वर्ना किचेन में ही आ के बैठ जायेगा। और एक
बार बात शुरू होगी तो खतम ही नही होगी। फिर दीदी गुस्सा होंगी। किचेन में ही
बै...
A BELIEF IT IS.
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There was a time in my life ,
when my heart & mind gave up ; lingering on that one thought day & night.
The time when the sun was up , my moon was up.
And wh...
हिंदी कविता
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दोस्तो, भाषासेतु और हिंदी साहित्य की दुनिया में पहली बार दाखिल होने वाले ये
हैं नफीस खान। ३० नवम्बर १९८६ को बेतिया, बिहार में जन्मे नफीस जेएनयू में
च...
FOUR IN THE MORNING ..!!
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Four in the morning... !
It's about to shine and a I'm still up...
It's about to be a new day,
But I'm still up.
Its not that's its something new for me....
Happy Nappy Time
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My longest absence ever from BB is due to the happiest news till now for
me. I am a proud mommy now!! I had a tiny little baby girl.
I have so many little ...
यह लालच मरता क्यों नहीं?
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छठी में एक कहानी पढ़ी थी। लालची कुत्ते की 'ग्रीडी डॉग'। पढ़ी अंग्रेजी में
थी पर याद हिंदी में है। लालच के बहकावे में आकर कुत्ते ने अपनी परछाई से ही
दूसरी र...
samaj me mahilaon ka sthan
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*
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बहुधा हम देखते हैं कि किसी महिला का समाज में परिचय देते समय
यह भी उल्लेख किया जाता है कि वह कामकाजी है या घरेलू.घरेलू महिला का अर्थ
हो...
किताब की नायिका एवं महत्वपूर्ण पात्र
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मैं जब उनसे मिला था, तब सर्दियों के दिन थे. तब शुरू के दिनों में वह मेरे लिए
अन्जाना शहर था. बाद छुट्टी के मैं रेलवे ट्रैक के किनारे बैठा सिगरेट फूँका
करत...
एक आध्यात्मिक घटना!
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आजकल परीक्षा परिणामों का सीज़न चल रहा है। रोज़ अख़बार में हवा में उछलती
लड़कियों की तस्वीरें छपती हैं। नतीजों के ब्यौरे होते हैं, टॉपर्स के
इंटरव्यू। तमा...
तेरे आने की आहट से
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तेरे आने की आहट से
फिजायें रंग लायीं हैं|
खिले हैं फूल गुलशन में,
बहारें मुस्कुराई हैं|
शरारत की है मौसम ने
फलक से घूँघट हटाया है
चमक उट्ठी है हर सू यूँ...
माँ
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माँ स्नेह का अल्हड़ जलप्रपात हैंमाँ कभी निष्ठुर प्रस्तर समान हैंमाँ
'सोमाद्रि' के जीवन का संगीत हैंमाँ नाद में विराजमान शक्ति-पीठ हैं
संसार क़ी रचयिता माँ-...
प्रेम से बढ़ कर...
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इन दिनों उसे जो भी मिलता, प्रेम के बारे में बड़े गंभीर प्रश्न करता. जबकि वह कहीं दूर भाग जाने की अविश्वसनीय कार्ययोजना के बारे में सोच रहा होता. उसकी कल्पन...
Woh kaun thi?
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I first came across her while enjoying a customary and rather delicious
piece of fruit post-dinner. She appeared suddenly, and the moment I saw her
I was t...
प्रतिबिम्ब
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*करीब 9 महीने होगये जब मैंने कुछ लिखा था, दिन ऐसे बीत रहे थे मानों काटने को
दौड़ रहे हो,कुछ ठहराव सा आ गया था जीवन में,शायद दूसरों के साथ अंधी दौड़ में
शा...
Sojourn By The Sea
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Alibag, Murud, Janjira on PhotoPeach Guest blogger Mohsin Khan Pathan makes
an unplanned trip to the coastal towns of Alibaug and Murud located near
Mumbai...